मुजफ्फरनगर। रतनपुरी थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो देशी पिस्टल .32 बोर, एक मस्कट .12 बोर, एक तमंचा .315 बोर और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपी मेरठ जनपद के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी मांग के आधार पर अवैध हथियारों की सप्लाई कर आर्थिक लाभ कमाते थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रतनपुरी थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को अवैध हथियार कहां से मिलते थे और वे किन लोगों तक इनकी सप्लाई करते थे।

चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर भागने का प्रयास
पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रतनपुरी थाना पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को दो युवक पैदल आते दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को रोककर चेकिंग कराने के लिए कहा।
पुलिस के अनुसार पूछताछ और चेकिंग से बचने के लिए दोनों युवकों ने मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद तलाशी लेने पर उनके कब्जे से अवैध हथियार और कारतूस बरामद होने का दावा किया गया।
दो पिस्टल, मस्कट और तमंचा बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से कुल चार अवैध हथियार बरामद किए गए। इनमें दो देशी पिस्टल .32 बोर, एक मस्कट .12 बोर और एक तमंचा .315 बोर शामिल है। इसके अलावा छह जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
बरामद कारतूसों में चार जिंदा कारतूस .32 बोर, एक जिंदा कारतूस .12 बोर और एक जिंदा कारतूस .315 बोर का बताया गया है। पुलिस ने बरामद सभी हथियार और कारतूस कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मांग के अनुसार हथियार सप्लाई करने का आरोप
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े होने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी ग्राहकों की मांग के अनुसार अवैध हथियार उपलब्ध कराते थे और इसके बदले आर्थिक लाभ कमाते थे।
हालांकि पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगालने में जुटी है। जांच का मुख्य फोकस हथियारों के स्रोत और उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराते थे। इसके साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी अब तक कितने लोगों को हथियार सप्लाई कर चुके हैं।
मोहित के खिलाफ पहले से आठ मुकदमे
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहित उर्फ भूरा पुत्र रविन्द्र निवासी ग्राम उलकपुर, थाना इंचौली, जनपद मेरठ और मनीष पुत्र ताहर सिंह निवासी ग्राम राली चौहान, थाना भावनपुर, जनपद मेरठ के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार मोहित उर्फ भूरा के खिलाफ रतनपुरी में दर्ज मौजूदा मुकदमे से पहले आठ आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इनमें इंचौली और मवाना थानों में दर्ज विभिन्न मामलों के अलावा उसके खिलाफ पहले आर्म्स एक्ट का मुकदमा भी दर्ज बताया गया है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2025 में मवाना थाने में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज हुआ था।
रतनपुरी में दर्ज मौजूदा मुकदमे को शामिल करने के बाद पुलिस ने मोहित के खिलाफ कुल नौ मुकदमों का आपराधिक इतिहास बताया है।
मनीष पर भी दर्ज हैं तीन मुकदमे
दूसरे आरोपी मनीष के खिलाफ भी पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ मेरठ के भावनपुर थाने में वर्ष 2025 और 2026 में मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं।
रतनपुरी थाने में दर्ज मौजूदा मुकदमे को मिलाकर पुलिस ने मनीष के खिलाफ कुल तीन मुकदमों का आपराधिक इतिहास बताया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके संपर्कों और अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
अवैध हथियारों के नेटवर्क की तलाश
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा आरोपियों की गिरफ्तारी से आगे बढ़ाकर हथियारों की सप्लाई चेन तक पहुंचने पर केंद्रित किया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस आरोपियों के पुराने संपर्कों, आपराधिक रिकॉर्ड और कथित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी
पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। अभियान में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और थाना प्रभारी रतनपुरी महावीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक गजेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक इतरत अली, हेड कांस्टेबल नवीन बैंसला, कांस्टेबल गजेन्द्र मावी और कांस्टेबल प्रशान्त चौधरी शामिल रहे। पुलिस ने बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

