मुजफ्फरनगर। जिले के रतनपुरी स्थित श्री प्राणनाथ इंटर कॉलेज में भारतीय किसान यूनियन सेवक की ओर से किसान-मजदूर अधिकार महापंचायत का आयोजन किया गया। संगठन की स्थापना दिवस और पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। महापंचायत में किसानों और मजदूरों की समस्याओं, उनके अधिकारों तथा संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान राजनीतिक मुद्दे भी छाए रहे। कार्यक्रम में पहुंचीं रोहिणी घावरी ने आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधा। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और न्याय से जुड़े मुद्दे उठाए तथा राजनीति में आने और चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर भी अपनी बात रखी।

भारतीय किसान यूनियन सेवक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सोम ने महापंचायत में 10 से 15 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया। आयोजकों ने कहा कि पंचायत का उद्देश्य किसान-मजदूरों की समस्याओं को एक मंच पर उठाना और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाना है।

पहली बार महापंचायत में शामिल हुईं रोहिणी घावरी
महापंचायत को संबोधित करते हुए रोहिणी घावरी ने कहा कि यह उनके जीवन की पहली महापंचायत है, जिसमें वह शामिल हुई हैं। उन्होंने किसान आंदोलन को किसी एक व्यक्ति या वर्ग तक सीमित न मानते हुए इसे देशव्यापी मुद्दा बताया। उनके अनुसार, किसानों की समस्याओं और अधिकारों के लिए व्यापक स्तर पर एकजुटता जरूरी है।
रोहिणी घावरी ने कहा कि महापंचायत में उठाए गए विभिन्न मुद्दों का वह समर्थन करती हैं। उन्होंने समाज में एकता और संगठन की भावना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लोगों के अधिकारों की बात करने और समाज को जोड़ने के प्रयासों को समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने महापंचायत में शामिल होने पर खुशी जताई और इसे अपने लिए गौरव का विषय बताया।
राजनीति में आने और चुनाव लड़ने के दिए संकेत
महापंचायत के दौरान रोहिणी घावरी से राजनीति में आने को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि यदि समाज चाहता है कि वह राजनीति में आएं, तो वह इस दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने चुनाव लड़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया।
चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधते हुए रोहिणी घावरी ने कहा कि महिलाओं के शोषण के आरोपी व्यक्ति को संसद में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से राजनीति में आगे आने और चुनाव लड़ने की अपील की, ताकि वे चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से अपनी आवाज उठा सकें। उन्होंने कहा कि यदि परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि उन्हें चुनाव लड़ना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं।
हालांकि, रोहिणी घावरी ने अभी किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या किसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
चंद्रशेखर आजाद पर लगाए आरोप, न्यायिक प्रक्रिया को लेकर जताई उम्मीद
रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। महापंचायत में उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक समर्थन के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने 23 अक्टूबर का उल्लेख करते हुए न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ने की उम्मीद जताई। साथ ही उन्होंने आशंका व्यक्त की कि राजनीतिक दबाव नहीं होने पर एफआईआर दर्ज होने की संभावना हो सकती है।
ये आरोप और आशंकाएं रोहिणी घावरी की ओर से व्यक्त किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इनकी स्वतंत्र पुष्टि या किसी न्यायिक निष्कर्ष की स्थिति स्पष्ट नहीं है। महापंचायत के दौरान चंद्रशेखर आजाद का पक्ष सामने नहीं आया। मामले से जुड़े आरोपों पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया की स्थिति का स्पष्ट होना जरूरी है।
किसान-मजदूरों के अधिकारों को लेकर आयोजित हुई महापंचायत
भारतीय किसान यूनियन सेवक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सोम ने कहा कि संगठन की पहली वर्षगांठ पर किसान-मजदूर अधिकार महापंचायत आयोजित करने का उद्देश्य किसानों और मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना है। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हैं, इसलिए उनके अधिकारों और समस्याओं पर सामूहिक रूप से आवाज उठाने की जरूरत है।
दीपक सोम के मुताबिक, महापंचायत के जरिए किसानों और मजदूरों को अपनी समस्याएं साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराने तथा उनके समाधान के लिए संगठन के स्तर पर प्रयास करने की योजना है। उन्होंने किसान-मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
दूर-दराज से पहुंचे किसान-मजदूर, एकजुटता पर जोर
महापंचायत में संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान-मजदूरों ने भाग लिया। कार्यक्रम में किसान-मजदूरों के हक, सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल लोगों का आभार जताते हुए संगठन की गतिविधियों को आगे भी जारी रखने की बात कही।
रतनपुरी में आयोजित इस महापंचायत में किसान-मजदूरों से जुड़े मुद्दों के साथ राजनीतिक चर्चा भी प्रमुख रही। रोहिणी घावरी के संबोधन और चुनाव लड़ने के संकेतों के बाद कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में आ गया। हालांकि, उनके चुनाव लड़ने या किसी राजनीतिक दल से जुड़ने को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

