मुजफ्फरनगर। नगर के मोहल्ला लद्धावाला निवासी शमीम मलिक की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मरीज की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना से नाराज परिजनों और मोहल्लेवासियों ने अस्पताल के डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते लद्धावाला से बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों का आरोप है कि शमीम मलिक की तबीयत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल में तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उनकी स्थिति पर समय रहते गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि यदि मरीज को समय पर उचित उपचार मिलता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इलाज में लापरवाही के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारणों और उपचार के दौरान बरती गई प्रक्रिया के संबंध में अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।

इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप
जानकारी के अनुसार, मोहल्ला लद्धावाला निवासी शमीम मलिक की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल में उपचार मिलने से उनकी हालत में सुधार होगा, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
शमीम की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मरीज की बिगड़ती हालत के बावजूद समय पर आवश्यक उपचार नहीं दिया गया। परिजनों के मुताबिक, उपचार में कथित लापरवाही के कारण शमीम की स्थिति लगातार बिगड़ती गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
मरीज की मौत से आहत परिवार ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा और पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाई। परिजनों का कहना है कि उपचार के दौरान क्या हुआ और मरीज की हालत बिगड़ने के बावजूद क्या कदम उठाए गए, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए। उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मौत की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे मोहल्लेवासी
शमीम मलिक की मौत की सूचना जैसे ही लद्धावाला मोहल्ले में पहुंची, बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय निवासी जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। परिवार के सदस्यों और मोहल्लेवासियों में घटना को लेकर भारी रोष दिखाई दिया।
आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि मरीजों को समय पर और उचित उपचार उपलब्ध कराना अस्पताल की जिम्मेदारी है। यदि उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
भीड़ बढ़ने के साथ अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनने लगी। घटना को देखते हुए मौके पर हालात पर नजर रखी गई, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग
परिजनों और स्थानीय लोगों ने शमीम मलिक की मौत के मामले में अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद परिवार को उचित उपचार की उम्मीद रहती है। ऐसे में उपचार के दौरान हुई किसी भी कथित लापरवाही की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि मरीज की चिकित्सकीय स्थिति, उसे दिए गए उपचार और मौत से पहले की परिस्थितियों की जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मौत के कारणों और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह स्पष्ट करने के लिए अस्पताल प्रशासन का पक्ष तथा संबंधित चिकित्सकीय रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से उठे सवाल
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान शमीम मलिक की मौत के बाद घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन यह जानना चाहते हैं कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत किस प्रकार बिगड़ी और उन्हें किस तरह का उपचार दिया गया।
परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। वहीं, अस्पताल परिसर में हुए हंगामे के बाद स्थिति पर नजर रखी गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया और किसी जांच या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लद्धावाला निवासी शमीम मलिक की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत से परिजनों और मोहल्लेवासियों में नाराजगी है। परिवार ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मौत के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

