मुजफ्फरनगर। जनपद की ग्राम पंचायत पलड़ा में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में स्थित तालाब के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से पानी लगातार सड़कों और गलियों में फैल रहा है। कई दिनों से रास्तों पर गंदा पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों का सामान्य आवागमन प्रभावित हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जरूरी कामों के लिए इसी बदबूदार और दूषित पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के साथ सड़कों पर कीचड़ और गंदगी फैलने से गांव का जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।

तालाब का पानी सड़कों पर फैलने से बिगड़े हालात
ग्रामीणों के अनुसार पलड़ा गांव के तालाब में लगातार पानी जमा हो रहा है, लेकिन उसे बाहर निकालने के लिए कोई पर्याप्त और स्थायी व्यवस्था नहीं है। तालाब का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी आसपास के रास्तों और गलियों में फैल जाता है।
जल निकासी के लिए पक्का नाला या अन्य स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बार बार सामने आती है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा होने से पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है।
दलित बस्तियों में भी जलभराव से परेशानी
ग्रामीणों का दावा है कि जलभराव की समस्या से गांव की एससी और दलित बस्तियां भी बुरी तरह प्रभावित हैं। कई स्थानों पर लंबे समय से गंदा पानी जमा होने के कारण लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत दिलानी चाहिए।
गंदे पानी से संक्रमण और बीमारियों का खतरा
लंबे समय से सड़कों और गलियों में पानी जमा रहने के कारण ग्रामीणों में बीमारियों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। जमा पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द जल निकासी और सफाई की व्यवस्था नहीं की गई तो संक्रमण संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जलभराव वाले स्थानों पर सफाई कराई जाए और मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही तालाब की सफाई और पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए।
जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी उठे सवाल
जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब गांव के लोग लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे हैं तो जिम्मेदार लोगों को इसका स्थायी समाधान कराने के लिए पहल करनी चाहिए थी।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी रूप से पानी बाहर निकालना समस्या का समाधान नहीं है। तालाब से पानी की नियमित निकासी के लिए पक्का और स्थायी इंतजाम किया जाना जरूरी है, ताकि हर बार बारिश या जलस्तर बढ़ने पर गांव के रास्ते जलमग्न न हों।
आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से हस्तक्षेप की अपील
मामले को लेकर मुस्लिम तीरगर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मौ. शाहआलम तीरगर ने भी आवाज उठाई है। उन्होंने बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से जुड़े आजाद समाज पार्टी कांशीराम और भीम आर्मी के जिम्मेदार पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं से पलड़ा गांव की समस्या को गंभीरता से उठाने की अपील की है।
मौ. शाहआलम तीरगर ने कहा कि ग्रामीणों की परेशानी को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाना चाहिए और जलभराव के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी तरीके से आवाज उठानी चाहिए।
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल तालाब से पानी निकालने तक सीमित नहीं होना चाहिए। तालाब की सफाई कराने के साथ पानी की निकासी के रास्ते को दुरुस्त किया जाए और भविष्य में जलभराव की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कराने, जलभराव वाले रास्तों की सफाई कराने और तालाब से पानी की निकासी का उचित इंतजाम करने की मांग की है। अब पलड़ा गांव के लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी है।

