18 साल से कम उम्र के बच्चों से काम न कराने की अपील, श्रम विभाग ने कहा—लगातार जारी रहेगा अभियान

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान के तहत मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में श्रम विभाग और अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने बाल श्रम के खिलाफ छापेमारी की। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। श्रम परिवर्तन अधिकारी विंध्याचल शुक्ल ने निरीक्षण टिप्पणी देते हुए विधिक कार्रवाई की।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के आदेश तथा पुलिस अधीक्षक अपराध सिद्धार्थ और सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। इसमें श्रम परिवर्तन अधिकारी विंध्याचल शुक्ल, थाना एएचटी प्रभारी सत्येंद्र नगर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र की संयुक्त टीम शामिल रही।
श्रम परिवर्तन अधिकारी विंध्याचल शुक्ल ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने सभी सेवायोजकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम न कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चों का पहला अधिकार शिक्षा है। बच्चों के हाथों में काम के औजार देने के बजाय किताबें दी जानी चाहिए।
जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सचिव मेहर चंद ने कहा कि संस्था बाल अधिकारों और उनके संरक्षण के लिए शासन एवं प्रशासन के साथ सदैव सहयोग करती रहेगी।
अभियान को सफल बनाने में उपनिरीक्षक जगत सिंह, महिला कांस्टेबल रूबी गौतम, कांस्टेबल जयप्रकाश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से गौरव मलिक का विशेष सहयोग रहा।
