इटावा/बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार रात हुए भीषण हादसे में बाराबंकी में तैनात डीएसपी नरेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में उनके साथ मौजूद गनर भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद पुलिस महकमे और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

मुजफ्फरनगर के लिए निकले थे डीएसपी
जानकारी के अनुसार नरेंद्र सिंह मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर के बरौला, सेक्टर 49 के रहने वाले थे। वर्तमान में वह बाराबंकी जिले में डीएसपी के पद पर तैनात थे और एसपी कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया गया कि वह किसी जरूरी काम से अपने गनर के साथ मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुए थे।

दोनों क्रेटा कार से सफर कर रहे थे। कार गनर चला रहा था, जबकि डीएसपी नरेंद्र सिंह उसके बगल वाली सीट पर बैठे हुए थे। हादसे के समय मौसम खराब था और एक्सप्रेसवे पर तेज बारिश हो रही थी।
तेज बारिश के बीच ट्रक में जा घुसी कार
हादसा ऊसराहार थाना क्षेत्र में कौवा रमपुरा गांव के पास शनिवार रात करीब आठ बजे हुआ। घटनास्थल जिला मुख्यालय से लगभग 47 किलोमीटर दूर बताया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त मूसलाधार बारिश के कारण एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान आगे चल रहे ट्रक की रफ्तार अचानक कम हो गई। पीछे से तेज गति से आ रही क्रेटा कार के चालक को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला और कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।
कटर से काटकर कार से निकाले गए दोनों घायल
टक्कर के बाद क्रेटा का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार का बोनट और इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के साथ उसके कई पुर्जे सड़क पर बिखर गए। डीएसपी और उनका गनर कार के अंदर बुरी तरह फंस गए थे।
हादसे की आवाज और घायलों की चीख-पुकार सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा एक्सप्रेसवे सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ऊसराहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और राहतकर्मियों ने रेस्क्यू अभियान चलाया। कार के दरवाजों और अन्य हिस्सों को कटर से काटकर दोनों घायलों को बाहर निकाला गया।
सैफई पीजीआई में इलाज के दौरान मौत
दोनों घायलों को तत्काल सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के पीजीआई में भर्ती कराया गया। डीएसपी नरेंद्र सिंह और उनके गनर का आईसीयू में इलाज चल रहा था। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही थी।
रविवार देर रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर इलाज के दौरान डीएसपी नरेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोगों का भी रो रोकर बुरा हाल है।
छह महीने पहले ही इंस्पेक्टर से बने थे डीएसपी
परिजनों के मुताबिक नरेंद्र सिंह को करीब छह महीने पहले ही इंस्पेक्टर पद से पदोन्नत कर डीएसपी बनाया गया था। प्रमोशन के बाद बाराबंकी में उनकी पहली तैनाती हुई थी। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।
हादसे की सूचना मिलने के बाद डीएसपी के भाई और दोनों बेटियां रविवार को सैफई पहुंचीं। अस्पताल पहुंचते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।
विश्वविद्यालय प्रशासन की सूचना पर सैफई थाने के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद डीएसपी नरेंद्र सिंह के शव को शवगृह में रखवा दिया।
हादसे की जांच में पुलिस जुटी हुई है। शुरुआती जानकारी में तेज बारिश, कम दृश्यता और आगे चल रहे ट्रक की अचानक कम हुई गति को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

