मीरजापुर। वर्षों से अदालतों के चक्कर लगा रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। 12 सितंबर को दीवानी न्यायालय समेत जिले के सभी राजस्व न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस बार करीब दो से ढाई लाख मामलों के निस्तारण का लक्ष्य तय किया गया है। न्यायिक और राजस्व अधिकारी लक्ष्य को पूरा करने के लिए तैयारी में जुट गए हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज अनुपम कुमार ने न्यायालय परिसर में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोगों को लोक अदालत की उपयोगिता की जानकारी नहीं है। इसी कारण कई लोग वर्षों तक मुकदमों में उलझे रहते हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सुलह और समझौते के जरिए विवाद समाप्त करने का लोक अदालत एक सरल और प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने बताया कि लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निस्तारण कराया जाता है। मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद, मारपीट, छोटे विवादों सहित विभिन्न मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर खत्म किया जाएगा। वाहन चालान और अन्य जुर्माने से जुड़े मामलों में भी नियमानुसार राहत देते हुए निस्तारण किया जा सकता है।
पिछले वर्ष राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब 85 हजार मामलों का निस्तारण हुआ था। इस बार लक्ष्य को काफी बढ़ाया गया है।
जिला जज और प्राधिकरण के सचिव आनंद कुमार-द्वितीय ने लोगों से अपील की कि वर्षों पुराने मुकदमों और बार-बार तारीख के झंझट से छुटकारा पाने के लिए लोक अदालत का अवसर जरूर उठाएं।
मामले के निस्तारण के इच्छुक पक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। लोक अदालत के प्रति जागरूकता के लिए गुरुवार सुबह दस बजे कचहरी परिसर से प्रचार वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

