मीरजापुर। गाजीपुर जिले में गिट्टी लदे एक ट्रक पर छह अलग-अलग नंबर प्लेट मिलने के मामले के बाद खनन विभाग में हड़कंप मच गया है। खनन मुख्यालय के सख्त निर्देश के बाद मीरजापुर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर 50 डिफॉल्टर ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभाग ने इन वाहनों पर 25 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है।

खनन विभाग के अनुसार 20 से 31 तारीख तक चलाए गए अभियान में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन पकड़े गए, जो नियमों के विपरीत खनिजों का परिवहन कर रहे थे। जांच में कई वाहनों पर आगे और पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगे पाए गए, जबकि कुछ वाहन बिना वैध परिवहन प्रपत्र के गिट्टी और पत्थर ढोते मिले।

खनन नियमावली-2017 के तहत बिना पंजीकरण वाले वाहनों को परिवहन प्रपत्र जारी नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद खनिज परिवहन में लगे कई वाहन दो-तीन जिलों की सीमाएं पार करते हुए संचालन करते पाए गए। इससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि गाजीपुर में पकड़ा गया संदिग्ध ट्रक सोनभद्र क्षेत्र से खनिज लेकर निकला था और पूर्व में इमिलिया चट्टी तथा अहरौरा क्षेत्र के क्रशर प्लांटों से भी परिवहन कर चुका था। इससे अवैध खनन और परिवहन के संगठित नेटवर्क की आशंका और मजबूत हुई है।
गाजीपुर के खान निरीक्षक ईश्वर चंद ने बताया कि इमिलिया चट्टी और अहरौरा क्षेत्र से बड़ी संख्या में कटिंग स्टोन लेकर चलने वाले वाहन बिना वैध दस्तावेजों के पकड़े गए हैं। ऐसे मामलों में जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रारंभिक स्तर पर ही सख्त कार्रवाई जरूरी है।
अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी (खनिज) ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। डिफॉल्टर वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
खनन अधिकारी जितेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि अभियान के दौरान कई वाहनों में नंबर प्लेट संबंधी अनियमितताएं मिली हैं। उन्होंने बताया कि विशेषकर इमिलिया चट्टी और अहरौरा क्षेत्र से निकलने वाले वाहनों की निगरानी बढ़ा दी गई है। अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए रात्रिकालीन औचक जांच टीमों का भी गठन किया गया है।
खनन विभाग की इस कार्रवाई से खनिज परिवहन से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि विभाग का दावा है कि अवैध परिवहन और राजस्व क्षति रोकने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।

