मेरठ। मवाना मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूनर नौ देवियों में एक देवी मां भद्रकाली विराजमान है। खादर में नहर के पास शास्त्रों में आता है। नवरात्रों में मां भद्रकाली की उपासना सातवें दिन की जाती है। ऐसे ही एक मां वैष्णो वैष्णो देवी में बैठी हैं एक मां कालरात्रि मामा न तहसील मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर खादर में बैठी है। लाखो हजारों की संख्या में भक्तगण मां भद्रकाली के मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आते हैं और अपनी मन की मुराद पूरी करते हैं।
मां भगवती के दरबार में प्रसाद चढ़ाने अपने परिवार के साथ गए वहां के पुजारी से जानकारी ली और उसको भक्तों को जानकारी देने के लिए सोचा पुराणों में शास्त्रों में कहा जाता है। मां कालरात्रि बिजली की तरह फुर्ती लीवर चमकीली अगर गुस्सा आ जाए तो सब कुछ छीन ले अगर देने पर आए तो सब कुछ निछावर कर दे अपने भक्तों का मां भद्रकाली ख्याल रखती हैं और जो भी सच्ची श्रद्धा के साथ मां के दरबार में जाकर मन्नत मांगता है उसकी अवश्य मन्नत पूरी होती है मां काली के मंदिर की एक परंपरा है गाय भैंस जब भी आती हैं तो भक्तगण उनका दूध व उनके दूध से बने मिष्ठान को लेकर मंदिर में चढ़ाने जाते हैं। साल में दो बार बहुत बड़े बड़े मेले लगते हैं दूरदराज से भक्तगण पहुंचते हैं मां भद्रकाली मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर पर खादर में आशा देवी का मंदिर विख्यात है। मां भद्रकाली के दर्शन करने के उपरांत मां आशा देवी के भी दर्शन करने अवश्य होते हैं जो श्रद्धालु मां आशा देवी के दर्शन करते हैं उनकी मुराद अवश्य पूरी होती है मंदिर के भक्तों ने बताया बताया जाता है कोई व्यापारी व्यापार करने के लिए खादर में आया करते थे। व्यापारी अपने पैसे लेने के लिए खादर में आए और खादर के उस समय किसी व्यक्ति ने उस व्यापारी की मृत्यु कर दी व्यापारी की पत्नी मां भद्रकाली की भक्ति थी आशा देवी को सपने में दिखा कि तेरे पति का मर्डर कर दिया है। मां आशा देवी खादर में जिस स्थान पर उसके पति को मार कर दिया गया था उचित स्थान पर गई और अपने पति को निकालकर मां भद्रकाली के मंदिर में आकर रख दिया उस परिवार का बताया जाता है। बेड़ा गर्क हो गया तभी से मां भद्रकाली की भक्त आशा देवी की भी मान्यता है अभी एक भक्त ने बताया मेरे खेत बराबर में हैं और मेरा ट्रैक्टर निकलने में दिक्कत हो रही थी। मैंने मां आशा देवी के मंदिर की दीवार थोड़ा सा पीछे हटा दी जो मिस्त्री काम कर रहे थे। वह ऊपर से गिरे और उन पर चोट लग गई मिस्त्री ने बताया मां आशा देवी सपने में आई और कहा जहां मेरी दीवार थी। वही कर अन्यथा मैं नहीं छोडूंगी दीवार दीवार उसी स्थान पर करने के उपरांत उस मिस्त्री का दर्द सही हुआ संपूर्ण भारत वर्ष के अंदर नौ देवियां विराजमान हैं। सभी देवियां अपने-अपने स्थानों पर हैं वैष्णो देवी में थाना क्षेत्र के खादर में यह देवी स्थल हस्तिनापुर की भूमि पर विराजमान हैं।
