भोपाल। सेवानिवृत्त विशेष पुलिस महानिदेशक अरुणा मोहन राव ने कहा कि महिलाओं के लिए पुलिस में सेवा चुनौतिपूर्ण है, किंतु स्वयं को साबित करने का सुअवसर भी है। राव ने यह बात कार्यशाला “उड़ान” के शुभारंभ पर कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पुलिस में सेवा चुनौतिपूर्ण है किंतु स्वयं को साबित करने का सुअवसर भी है। पारंपरिक सोच और पारिवारिक वातावरण के चलते कई बार कुछ चुनौतियाँ सामने आती है किंतु दृढ़ निश्चय और कुछ अच्छा करने की चाहत हमारे मनोबल को मजबूत करती है। उन्होंने महिला सुरक्षा शाखा द्वारा किए जा रहे इस तरह के आयोजनों की सराहना की तथा सभी प्रतिभागी महिला पुलिस अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देते हुए शुभकामनाएं दीं।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. नंदितेष निलय ने कहा कि महिला या पुरूष होने के भाव को अंदर से त्यागकर केवल एक अच्छा पुलिस अधिकारी बनने की सोच आज की कार्यशाला से निर्मित होगी ऐसा मेरा विश्वास है। आज के इंटरएक्शन से हम अच्छे निष्कर्षों पर पहुँचेंगे जो महिला की पुलिसिंग सामर्थ्य और दक्षता में अभिवृद्धि करेंगे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में एडीजी से आरक्षक स्तर तक की सौ महिला अधिकारी सहभागिता कर रही हैं।

