औरंगाबाद। महाराष्ट्र में मराठवाड़ा क्षेत्र के अधिकांश जिलों में पिछले चार दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
संबंधित अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। नांदेड जिले से प्राप्त सूचनाओं के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण हडगांव और हिमायतनगर तालुका के कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे इनका संपर्क एक-दूसरे से टूट गया है। वहीं, मुदखेड़ तालुका की सीता नदी उफान पर है और दो लोगों के बाढ़ में फंसे होने की आशंका है।
नांदेड़ जिले में भारी बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने बुधवार को कक्षा एक से बारहवीं तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश की घोषणा की है।
नांदेड शहर के पास एक प्रमुख बांध शंकरराव चव्हाण विष्णुपुरी के दो गेट मंगलवार को खोल दिए गए। वहीं गोदावरी नदी से पानी छोड़ा जा रहा है और गोदावरी के आसपास रहने वाले नागरिकों को इस बारे में आगाह कर दिया गया है। यहां पिछले सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण नांदेड, हिंगोली और यवतमाल जिलों में पनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते नांदेड का सहस्त्रकुंड जलप्रपात उफान पर है।
इधर, लातूर जिले में भी लगातार बारिश के कारण मांजरा, तेरना और तवरजा नदियों पर बांध परियोजनाएं उफान पर हैं।
इसलिए इनसे आवश्यकतानुसार मांजरा, तेरना और तवरजा नदियों में पानी छोड़ा जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों, खासकर नदी किनारे रहने वाले किसानों को चेतावनी दी है।
हिंगोली और बीड जिलों से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि लगातार पांच दिनों से बारिश हो रही है। वहीं उस्मानाबाद जिले के कई हिस्सों में भी बारिश की सूचना है। परभणी जिले के अधिकांश नदियों, नालों में भी पानी भर गया है।
