मंदिर में चल रही हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश, 29 तमंचों समेत 3 गिरफ्तार, पूरे वेस्ट यूपी से जुड़े तार

गाजियाबाद। जंगल में बने मंदिर के पुराने कमरे में अवैध हथियार बनाने और बेचने की फैक्ट्री का एसओजी और निवाडी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी निशानदेही पर पुलिस ने 29 अवैध हथियार (तमंचे) और अन्य उपकरण बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी पूर्व में मेरठ के हथियार सप्लायरों से हथियारों की सप्लाई लेते थे। जिसके बाद आरोपियों ने गाजियाबाद के जंगल में अपनी फैक्ट्री खोल ली और फिर हथियार असेंबल करके सप्लाई शुरू कर दी।

मेरठ के गांव महलका में पहले से ही कई हथियार तस्कर रहते हैं। इन तस्करों का नेटवर्क मेरठ में सराधना गांव से जुड़ा हुआ है, जो हथियार बनाने और बेचने के लिए बदनाम है। बताया जाता है कि सराधना गांव के कुछ लोग दशकों पूर्व बिहार के मुंगेर से हथियार बनाना सीखकर आए थे, उसके बाद उन्होंने मेरठ और वेस्ट यूपी में यह धंधा शुरू कर दिया। हथियार बनाने की कई फैक्र्टी की पुलिस पूर्व में भी पर्दाफास कर चुकी है।

एसपी देहात डॉ.ईरज राजा ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 03:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि तीन व्यक्तियों द्वारा अज्ञात स्थान से कच्चा माल तैयार कर पतला से खिदोडा मार्ग के जंगल में बने मंदिर के पुराने कमरे में तमंचा तैयार कर रहे है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए निवाडी एसएचओ मनोज कुमार के नेतृत्व में एसओजी टीम ग्रामीण के साथ उक्त स्थान पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान अनस उर्फ राजा निवासी साहिबाबाद, अरसलान निवासी मेरठ और लवी निवासी अलीगढ को गिरफ्तार किया गया। जिनकी निशानदेही पर 9 तमंचे 315 बोर तैयार, 20 तमंचे 315 बोर अधबन और भारी मात्रा मे तमंचे बनाने के उपकरण बरामद किए गए।

उन्होंने बताया गिरोह का मास्टरमाइंड लवी है। यह पूर्व में भी अलीगढ़ के थाना लोधा से जेल जा चुका है। जेल से छूट कर आने के बाद आरोपी ने फिर से हथियार बनाने का कारोबार शुरु कर दिया था। पकड़े गए आरोपित वेस्ट यूपी में 8 से 10 हजार रुपए में तंमचे की सप्लाई करते थे। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि अब तक कितने हथियार तैयार कर कहां और किसको बेच चुके हैं।

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