नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के तनातनी वाले रिश्तों के बीच समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जो कड़वाहट से परे मानवता का उजाला बिखेरते हैं। ऐसा ही ताजा मामला पाकिस्तान की अफशीन गुल का है। गंभीर शारीरिक समस्या से जूझ रही 13 साल की इस लड़की को एक भारतीय डॉक्टर के इलाज ने जिस तरह नई जिंदगी दी, उसकी भारत ही नहीं, पाकिस्तान में भी तारीफ हो रही है।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत की अफशीन गुल सात भाई-बहनों में सबसे छोटी है। शारीरिक समस्या के कारण वह न कभी स्कूल गई और न दोस्तों के साथ खेल सकी। जब वह 10 महीने की थी, अपनी बहन की बांह से गिर गई थी। इससे उसकी गर्दन 90 डिग्री तक झुक गई। डॉक्टरों ने उसके गले में बेल्ट लगा दी, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। वह न चल सकती थी और न खा सकती थी। उसे बात करने में भी दिक्कत होती थी। अफशीन सेरेब्रल पाल्सी से भी पीडि़त है। उसने छह साल की उम्र में चलना सीखा। अफशीन की हालत पर 2019 में एक ब्रिटिश पत्रकार की रिपोर्ट पढऩे के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में जटिल स्पाइनल सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. राजगोपालन कृष्णन ने उसकी मुफ्त सर्जरी की पेशकश की।
डॉ. राजगोपालन कृष्णन की पेशकश पर परिवार अफशीन को लेकर दिल्ली आया। डॉक्टर ने उसकी घुमावदार गर्दन का ऑपरेशन किया। अब अफशीन अपने आप चल सकती है, बात कर सकती है और खा सकती है। डॉ. कृष्णन हर हफ्ते स्काइप के जरिए उसका हाल-चाल जानते हैं। अफशीन के भाई याकूब कुंवर का कहना है कि भारत के डॉक्टर ने मेरी बहन की जान बचाई। वह हमारे लिए फरिश्ता हैं।
अफशीन एटलांटो-एक्सियल रोटेटरी डिस्लोकेशन से पीडि़त थी। यह रीढ़ की हड्डी का घुमाव है, जो गर्दन की दुर्बलता का कारण बनता है। डॉ. कृष्णन के मुताबिक यह शायद दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला है। सोशल मीडिया के जरिए अफशीन की समस्या 2017 में दुनिया के सामने आई थी। तब पाकिस्तान के डॉक्टरों ने उसके ठीक होने की संभावना 50 फीसदी तक बताई थी।