बुढ़ाना में फर्जी क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, छापेमारी में बिना दस्तावेज वाला क्लीनिक सील; दो को नोटिस

बुढ़ाना में फर्जी क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, छापेमारी में बिना दस्तावेज वाला क्लीनिक सील; दो को नोटिस

बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों के संचालित किए जा रहे क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कांधला रोड पर अचानक छापेमारी करते हुए इसरार राणा के नाम से संचालित एक क्लीनिक को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान क्लीनिक में मरीजों का उपचार कर रहे व्यक्ति के पास चिकित्सीय योग्यता और क्लीनिक संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध रूप से संचालित क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम को कांधला रोड पर इसरार राणा के नाम से संचालित क्लीनिक के संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अचानक निरीक्षण किया। टीम के पहुंचते ही क्लीनिक में मौजूद लोगों में खलबली मच गई।

निरीक्षण के दौरान टीम ने क्लीनिक में मरीजों का उपचार कर रहे व्यक्ति से उसकी चिकित्सीय योग्यता और क्लीनिक के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। बताया गया कि संबंधित व्यक्ति टीम के सामने कोई मेडिकल डिग्री, पंजीकरण प्रमाण पत्र या अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

दस्तावेज नहीं मिलने पर क्लीनिक किया सील

कार्रवाई की अगुवाई कर रहे सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रणव तेवतिया ने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्लीनिक संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख और चिकित्सीय योग्यता के प्रमाण मांगे गए थे, लेकिन मौके पर कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जा सका। जनस्वास्थ्य से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को मौके पर ही सील कर दिया।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद कस्बे में बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत संचालित किए जा रहे अन्य क्लीनिकों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई कथित झोलाछाप चिकित्सक अपने प्रतिष्ठान बंद कर मौके से चले गए।

दो अन्य क्लीनिकों को भी नोटिस

सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रणव तेवतिया के अनुसार स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में संचालित दीवान क्लीनिक और चौधरी क्लीनिक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। दोनों क्लीनिक संचालकों से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। विभाग का कहना है कि बिना पंजीकरण और निर्धारित चिकित्सीय योग्यता के मरीजों का उपचार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बुढ़ाना कस्बे के साथ ही आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी लंबे समय से कई संदिग्ध क्लीनिक और उपचार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इनमें से कई स्थानों पर मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं और योग्य चिकित्सक तक उपलब्ध नहीं हैं।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि केवल एक दो स्थानों तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया जाए। लोगों का कहना है कि बिना पंजीकरण और योग्यता के मरीजों का उपचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने से ही लोगों के स्वास्थ्य के साथ होने वाले कथित खिलवाड़ पर रोक लग सकेगी।

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