छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दर्दनाक हादसा: स्कूल से लौटते समय घोंघा नदी में बहे तीन बच्चे, रेस्क्यू के बाद मिले शव

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दर्दनाक हादसा: स्कूल से लौटते समय घोंघा नदी में बहे तीन बच्चे, रेस्क्यू के बाद मिले शव

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत समडील में घोंघा नदी पार करते समय तेज बहाव की चपेट में आए तीन बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने तलाश अभियान चलाकर तीनों बच्चों के शव नदी से बरामद कर लिए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, गांव के तीन बच्चे शनिवार को स्कूल गए थे। स्कूल से छुट्टी होने के बाद तीनों बच्चे घर लौट रहे थे। रास्ते में घोंघा नदी पड़ती है। नदी पार करते समय अचानक तेज बहाव की चपेट में आने से तीनों बच्चे बह गए।

परिजनों के मुताबिक, बच्चे रोजाना स्कूल आने-जाने के लिए दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करते थे। हादसे वाले दिन स्कूल पहुंचने में देरी हो रही थी, इसलिए बच्चों ने नदी वाले रास्ते से जाने का फैसला किया। छुट्टी के बाद घर लौटते समय भी वे इसी रास्ते से नदी पार कर रहे थे, तभी हादसा हो गया।

ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार सुबह जब बच्चे स्कूल गए थे, तब घोंघा नदी में पानी का स्तर काफी कम था। लेकिन दिनभर लगातार बारिश होने के कारण दोपहर बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और बहाव भी काफी तेज हो गया। बच्चों को पानी के बढ़े हुए स्तर और तेज बहाव का अंदाजा नहीं हो सका और वे हादसे का शिकार हो गए।

हादसे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी के पास पहुंच गए। लोगों ने पहले अपने स्तर पर बच्चों की तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

जांच अधिकारी अविनाश पासवान ने रविवार काे बताया कि तीनों बच्चे स्कूल से घर लौटते समय घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए थे। लापता बच्चों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया था। रेस्क्यू अभियान के दौरान आज तीनों बच्चों के शव नदी से बरामद कर लिए गए हैं।

हादसे के बाद समडील गांव में शोक का माहौल है। बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदी-नालियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जान जोखिम में डालकर नदी, नाले या तेज बहाव वाले रास्तों को पार न करें।

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