भोपा (मुजफ्फरनगर)। क्षेत्र के बेलड़ा-धीराहेड़ी गंग नहर पुल की जर्जर हालत अब लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद पुल पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। बारिश के कारण गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे दोपहिया और छोटे वाहनों के चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल पुल की मरम्मत कराने और नए पुल के निर्माण की मांग की है।

निरगाजनी पुल बंद होने से बढ़ा यातायात का दबाव
ग्रामीणों के अनुसार कुछ समय पहले निरगाजनी पनचक्की पुल क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया था। इसके बाद से बेलड़ा-धीराहेड़ी गंग नहर पुल पर वाहनों का दबाव अचानक कई गुना बढ़ गया है।

अब इस मार्ग से ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार, ई-रिक्शा, छोटा हाथी और बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन गुजर रहे हैं। लगातार बढ़ते यातायात के कारण पुल की सड़क पर बने पुराने गड्ढे और अधिक गहरे हो गए हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बारिश के पानी ने बढ़ाई परेशानी
गुरुवार की बारिश के बाद पुल पर बने गहरे गड्ढे पूरी तरह पानी से भर गए। ऐसे में वाहन चालकों को यह अंदाजा नहीं लग पा रहा कि सड़क कहां तक सुरक्षित है और गड्ढा कितना गहरा है।
विशेष रूप से बाइक और ई-रिक्शा चालकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ब्रिटिश काल का पुल, भारी वाहनों पर पहले से है प्रतिबंध
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल ब्रिटिश काल में बनाया गया था और अब अपनी आयु पूरी कर चुका है। पुल की कमजोर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई वर्ष पहले ही इस पर बसों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी।
हालांकि वर्तमान समय में छोटे वाहनों का दबाव भी इतना बढ़ गया है कि पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़क के कारण हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
पुल की बदहाल स्थिति को लेकर धीराहेड़ी के ग्राम प्रधान ऋषिपाल राठी, समाजसेवी परिक्षत राठी और निरगाजनी के ग्राम प्रधान रजनीश शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश ब्रिटिश कालीन पुल अब जर्जर हो चुके हैं और उनकी उपयोगिता समाप्त हो रही है। ऐसे में नए पुलों का निर्माण जनहित और क्षेत्र के विकास के लिए बेहद आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि जब तक नए पुल का निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक मौजूदा पुल के गहरे गड्ढों को तत्काल भरकर तकनीकी रूप से मजबूत किया जाए, ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
संपर्क मार्ग बाधित होने की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन इसकी स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से प्रभावित होने की आशंका है, जिसका असर आम जनजीवन, खेती-किसानी और आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ेगा।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस दौरान बिल्लू उर्फ जस्सी राठी, मास्टर आशिष राठी, ओमवीर सिंह, गुलबीर सिंह, नितिन राठी, पूर्व प्रधान सुक्रमपाल राठी, पूर्व प्रधान वेदपाल सिंह, संजय महंदयाण, विरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश मास्टर, रामकुमार कोरी, भाजपा नेता अर्जुन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि पुल की मरम्मत और नए पुल के निर्माण की दिशा में शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

