बांदा में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर, पीड़ितों को राहत की उम्मीद

बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा में केन व यमुना नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट के बाद भी बाढ़ की स्थिति ज्यों की त्यों गंभीर बनी हुयी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क मार्ग में पानी आने से आवागमन अभी भी ठप है।

जिला प्रशासन से रविवार को मिली जानकारी के मुताबिक लगभग 40 गांवों में अभी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। रविवार को भी दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में रहने से लोग चिंतित है और प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण राहत कार्यों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को स्कूलों व ऊंचे स्थानों में सुरक्षित पहुंचाने का दावा किया है। उच्च अधिकारियों की देखरेख में राहत कार्य जारी हैं। बाढ़ पीड़ितों के मुताबिक राहत एवं बचाव के प्रयास फिलहाल अपर्याप्त नजर आ रहे हैं।

केंद्रीय जल आयोग के सहायक अभियंता भरत कुमार चौरसिया के मुताबिक केन व यमुना नदी के जलस्तर में रविवार को बहुत मामूली गिरावट आयी। रात 08 बजे केन नदी का जलस्तर 102.37 मीटर और यमुना नदी का जलस्तर 102.54 मीटर दर्ज किया गया है। यमुना का जल स्तर रविवार की रात्रि 8:00 बजे खतरे के निशान से 2.54 मीटर ऊपर है।

जिला प्रशासन ने देर शाम जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि बाढ़ से अब तक 20 गांव पूरी तरह व 46 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। जिसमें 1100 परिवारों के 5189 ग्रामीण प्रभावित हुए। जिन्हें अब तक 1100 राहत किट वितरित की गई। प्रभावित क्षेत्रों में 37 नावें लगाई गई है और 46 बाढ़ चौकियां स्थापित कर राहत कार्य जारी है।

अपर जिला अधिकारी उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि परगना मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, नायब तहसीलदार की देखरेख में पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया जा रहा है। और राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर में जारी है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की राहत में तैनात लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *