बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को दो मासूम सगे भाइयों की मौत के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। बच्चों के परिजनों ने इसे महज हादसा या पानी में डूबने से हुई मौत मानने से इनकार कर दिया है और गांव के ही कुछ लोगों पर पुरानी रंजिश के चलते सुनियोजित तरीके से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।

नंदवारा गांव निवासी भैयाराम राजपूत के 06 वर्षीय बेटे मनोज जो कक्षा एक में पढ़ता था और 04 वर्षीय छोटा बेटा युवराज की बुधवार दोपहर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों भाई दोपहर करीब 01 बजे स्कूल से लौटने और खाना खाने के बाद घर के बाहर खेल रहे थे। इस दौरान ही दोनों लापता हो गए थे।

परिजनों और पुलिस द्वारा की गई खोजबीन के बाद देर शाम घर से करीब 100 मीटर दूर सड़क किनारे नींव बनाने के लिए खोदे गए लगभग छह फीट पानी से भरे गड्ढे में दोनों बच्चों के शव मिले। मृतक बच्चों के पिता भैयाराम राजपूत का आरोप है कि बच्चों की मौत पानी में डूबने से नहीं हुई है, बल्कि उनकी रंजिश के तहत हत्या कर शवों को गड्ढे में फेंका गया है।
परिजनों के मुताबिक, शव बाहर निकालने पर बच्चों के कान और नाक से खून दिखाई दे रहा था। परिवार का दावा है कि गांव के भवानीदीन और अन्य लोगों के साथ उनका पुराना विवाद चल रहा है। आरोप है कि 11 अगस्त को बच्चों की मां कलावती के साथ भी गांव के कुछ लोगों ने मारपीट की थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार इसी रंजिश को बच्चों की मौत से जोड़कर देख रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी और नरैनी कोतवाली प्रभारी भास्कर मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
क्षेत्राधिकारी नरैनी प्रवीण कुमार ने गुरुवार को बताया कि बच्चों के नाक और कान से खून आने की वास्तविक वजह और मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

