बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में महाराजा सुहेलदेव स्वायत राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के महिला विंग में भर्ती गर्भवती महिला के नवजात की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय खत्री मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए।

हरदी थाना क्षेत्र के नेपालपुरवा गांव निवासी गर्भवती ज्योति को पति अमित शुक्ला ने रविवार रात करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह अल्ट्रासाउंड में नवजात की धड़कन नहीं मिली। आरोप है कि दोपहर में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर भी समय से उचित उपचार नहीं दिया गया और पीड़ा बढ़ाने की दवा देने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद मृत नवजात का जन्म हुआ।

अमित शुक्ला का आरोप है कि इलाज में लापरवाही की शिकायत करने पर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक उनसे उलझ गए और संतोषजनक जवाब नहीं दिया। घटना के बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने मंगलवार को बताया कि एक महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया था और सोमवार सुबह अल्ट्रासाउंड में भ्रूण में कोई हलचल नहीं मिली। प्राथमिक तौर पर आशंका है कि गर्भ में ही नवजात की मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी गई है।
प्राचार्य ने कहा कि जांच रिपोर्ट में यदि किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं नवजात की मौत के बाद पिता अमित शुक्ला मृत बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल परिसर में न्याय की मांग करते दिखाई दिए।

