बरेली । बरेली जंक्शन के यार्ड में होने वाले बड़े मरम्मत और अपग्रेडेशन कार्य का असर रेल यात्रियों की आवाजाही पर पड़ने लगा है। रेलवे ने यार्ड में काम के लिए 30 दिन का मेगा ब्लॉक लेने का निर्णय लिया है। इसके चलते बरेली से चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। सबसे ज्यादा असर मुंबई और मध्य प्रदेश जाने वाले यात्रियों पर पड़ा है। रेलवे ने बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस और बरेली-इंदौर एक्सप्रेस को करीब एक महीने के लिए निरस्त कर दिया है। दोनों ट्रेनों की अग्रिम टिकट बुकिंग भी बंद कर दी गई है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बरेली जंक्शन के यार्ड में पुरानी वाशिंग लाइन संख्या 36 और 37 की मरम्मत के साथ उन्हें आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए पांच जुलाई से तीन अगस्त तक मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान ट्रेनों के संचालन को सुचारु रखने के लिए कुछ ट्रेनों को निरस्त किया गया है तो कुछ के मार्ग में बदलाव किया गया है।

रेलवे के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक इमरान ने बताया कि 14314/14313 बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस का संचालन 11 जुलाई से तीन अगस्त तक प्रभावित रहेगा। इसी तरह 14320/14319 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस आठ जुलाई से 30 जुलाई तक नहीं चलेगी। इन दोनों ट्रेनों की टिकट बुकिंग भी रोक दी गई है। इससे मुंबई और इंदौर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ेगा।
इसके अलावा बरेली-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन भी एक महीने तक रद्द रहेगी। 54075/54076 बरेली-दिल्ली पैसेंजर का संचालन पांच जुलाई से तीन अगस्त तक नहीं होगा। वहीं बरेली-चंदौसी रेलखंड पर पुल संख्या तीन की मरम्मत के लिए 11 जुलाई को नौ घंटे का ब्लॉक लिया जाएगा। इसके कारण 64178/64177 मुरादाबाद-बरेली पैसेंजर भी प्रभावित रहेगी।
हालांकि रेलवे ने यात्रियों को कुछ राहत देते हुए कुछ विशेष तारीखों पर ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है। लोकमान्य तिलक-बरेली एक्सप्रेस 13 और 20 जुलाई को चलेगी, जबकि इंदौर-बरेली एक्सप्रेस 16 जुलाई को संचालित होगी। इन ट्रेनों का मार्ग बदला रहेगा। ये ट्रेनें झांसी के बजाय बीना, गुना और ग्वालियर होकर संचालित की जाएंगी।
ट्रेनों के निरस्त होने से मुंबई रूट पर चलने वाली अन्य ट्रेनों में यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। बरेली से मुंबई जाने वाले यात्री अब रामनगर-बांद्रा एक्सप्रेस और काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में सीट तलाश रहे हैं। इन ट्रेनों में वेटिंग बढ़ने लगी है और यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
मेगा ब्लॉक और अलग-अलग रेलखंडों पर चल रहे निर्माण कार्यों का असर ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार को कई लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस करीब छह घंटे तक लेट रही, जबकि उपासना एक्सप्रेस में भी कई घंटे की देरी दर्ज की गई। सत्याग्रह एक्सप्रेस, अमृतसर-सहरसा गरीब रथ और जम्मूतवी एक्सप्रेस भी प्रभावित रहीं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यार्ड में होने वाले कार्य यात्रियों की सुविधा और भविष्य में बेहतर ट्रेन संचालन के लिए जरूरी हैं। काम पूरा होने के बाद जंक्शन की व्यवस्थाओं में सुधार आने की उम्मीद है।

