मुजफ्फरनगर। चरथावल और तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव स्थित दोना फैक्टरी में मजदूरों को बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और एक मजदूर की गैर-इरादतन हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी अंकित बालियान को अब बी वारंट पर मुजफ्फरनगर लाने की तैयारी तेज हो गई है। हरियाणा के पलवल जिले के होडल थाना पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी को मुजफ्फरनगर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान फैक्टरी से लापता दो मजदूरों के बारे में अहम जानकारी मिलने के साथ-साथ पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अन्य राज भी सामने आएंगे।

23 जून से फरार था मुख्य आरोपी
मांडी गांव निवासी फैक्टरी संचालक अंकित बालियान की पुलिस पिछले कई दिनों से तलाश कर रही थी। आरोप है कि उसने अपनी दोना फैक्टरी में राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब एक दर्जन मजदूरों को बंधक बनाकर रखा था। मजदूरों के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप भी सामने आए थे। इसी दौरान नेपाल निवासी मजदूर अर्जुन टोपी की मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया।

घटना के बाद से ही अंकित बालियान फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें और विशेष जांच टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देता रहा।
जमानत की कोशिश के बाद हरियाणा पहुंचा आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए अंकित बालियान ने मुजफ्फरनगर की अदालत में अंतरिम जमानत के लिए आवेदन भी किया था। पुलिस ने अदालत परिसर के आसपास भी निगरानी बढ़ा दी थी, लेकिन आरोपी वहां पहुंचने से पहले ही हरियाणा भाग गया।
बाद में हरियाणा के पलवल जिले की होडल थाना पुलिस ने उसे अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से वह हरियाणा पुलिस की हिरासत में है।
बी वारंट की प्रक्रिया तेज
सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह ने बताया कि आरोपी को मुजफ्फरनगर लाने के लिए बी वारंट जारी कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले दिए गए आवेदन में कुछ तकनीकी कमियां रह गई थीं, जिन्हें दूर कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सक्षम न्यायालय में दोबारा बी वारंट के लिए आवेदन किया जाएगा। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस की टीम पलवल जाकर आरोपी को यहां लेकर आएगी।
रिमांड पर लेकर होगी गहन पूछताछ
पुलिस का कहना है कि अंकित बालियान को मुजफ्फरनगर लाकर न्यायालय से पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। रिमांड के दौरान फैक्टरी से लापता दो अन्य मजदूरों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि मजदूरों को किन परिस्थितियों में फैक्टरी में रखा गया था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे।
मजदूर के भागने से हुआ था पूरे मामले का खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ था जब राजस्थान निवासी मजदूर विक्रम किसी तरह फैक्टरी से जान बचाकर भाग निकला और सीधे तितावी थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने फैक्टरी पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान वहां से 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया था, जो कथित रूप से बंधक बनाकर रखे गए थे और बेहद खराब परिस्थितियों में काम करने को मजबूर थे।
तीन आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल
इस मामले में पुलिस फैक्टरी मालिक के पिता प्रदीप बालियान, सुपरवाइजर शिवा त्यागी निवासी उकावली तथा मजदूरों को लाने वाले एजेंट रबित को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
अब पुलिस की नजर मुख्य आरोपी अंकित बालियान पर है। अधिकारियों का मानना है कि उसके मुजफ्फरनगर आने और पूछताछ के बाद मामले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं तथा लापता मजदूरों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। फिलहाल पुलिस बी वारंट की प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को जल्द से जल्द मुजफ्फरनगर लाने की तैयारी में जुटी हुई है।

