फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन(उप्र.) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर साेमवार काे कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह, जिला प्रवक्ता बृजेश यादव, जिला कोषाध्यक्ष संजय कुमार, जिला महामंत्री अभय सिंह की मौजूदगी में साैंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि उप्र में संविदा पर नियुक्त 36000 ग्राम रोजगार सेवक को नियमतिकरण का दर्जा देने सहित उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर विचार किया जाए।

जिलाध्यक्ष ने मांगाें काे लेकर बताया कि वर्ष 2006 से मनरेगा योजना के अन्तर्गत ग्राम रोजगार सेवक (पूर्ववती पंचायत मित्र) प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विगत 17 वर्षों से संविदा पर कार्यरत हैं, जिन्हें मनरेगा योजना की धनराशि के प्रशासनिक मद से मानदेय भुगतान की व्यवस्था है। प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग है। जिस कारण किसी ग्राम पंचायत में कार्य का स्कोप अधिक है, तो किसी में कम है। मनरेगा मांग परक योजना है। इसी कारण प्रत्येक ग्राम रोजगार सेवक को प्रशासनिक मद की अनुमन्य धनराशि से प्रत्येक माह समय से भुगतान नहीं हो पाता, नियमित समय से मानदेय भुगतान हर कार्मिक का अधिकार है। जिसके लिए पृथक बजट की आवश्यकता है।
मांगाें में प्रमुख रुप से मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ के डिफेन्स एक्सपो मैदान में की गयी घोषणा के क्रम में रोजगार सेवकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मानव संसाधन नीति (एआर पाॅलिसी) का उचित निर्धारण कराया जाए। जिसमें न्यूनतम 24000 रूपये प्रतिमाह की व्यवस्था हो। 01 जुलाई 2026 से वीवीजी रामजी योजना लागू होने में ग्राम रोजगार सेवकों को भूमिका और प्रभावी किए जाने पर जाेर दिया गया।
डीएम को साैंपे गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि उनकी समस्याओं का निदान अतिशीघ्र न होने पर आगामी 01 जुलाई 2026 को विधानसभा का घेराव व लखनऊ के अन्य जगहों (जवाहर भवन, भाजपा कार्यालय, इन्दिरा भवन गेट, चारबाग रेलवे स्टेशन, राजभवन गेट इत्यादि) पर प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष फर्रुखाबाद कृजेश कुमार, रतन सिंह साहे, मालती देवी, आरती देवी, गजेंद्र सिंह, ममता पाण्डेय, लालबहादुर, सुनील, सरस्वती, जयदेव, सरला आदि उपस्थित रहे।

