फर्जी दस्तावेज और झूठे मुकदमे के आरोप में महिला गिरफ्तार, मंसूरपुर पुलिस ने घर से राबिया को दबोचा

फर्जी दस्तावेज और झूठे मुकदमे के आरोप में महिला गिरफ्तार, मंसूरपुर पुलिस ने घर से राबिया को दबोचा

मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उन्हें असली बताकर इस्तेमाल करने, झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने और वादी को गंभीर अपराध में फंसाने के प्रयास के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी महिला को बुधवार को उसके मकान से गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के पर्यवेक्षण में की गई। न्यायालय के आदेश के आधार पर 14 अगस्त 2026 को थाना मंसूरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की थी।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान राबिया पत्नी अनीस निवासी ग्राम जड़ौदा, थाना मंसूरपुर के रूप में हुई है। बुधवार को पुलिस टीम ने उसके मकान पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

जड़ौदा अड्डे की जमीन से शुरू हुआ विवाद

मामले के वादी मोहम्मद सलमान खान की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार वर्ष 2005 में उनके परिवार ने जड़ौदा अड्डे पर करीब 1775 गज का प्लॉट बनवाया था। वादी का कहना है कि उनका परिवार शहर में रहता था, जिसके चलते जमीन लंबे समय तक खाली पड़ी रही।

आरोप है कि वर्ष 2017 के बाद कुछ लोगों ने उक्त संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास शुरू कर दिया। वादी के अनुसार वर्ष 2022 में जमीन के गेट का ताला तोड़कर कथित तौर पर उस पर कब्जा कर लिया गया। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की।

वादी के मुताबिक शिकायत के बाद राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

संपत्ति विवाद के बाद बढ़ा कानूनी विवाद

वादी मोहम्मद सलमान खान का आरोप है कि संपत्ति विवाद को लेकर कार्रवाई शुरू होने के बाद उनके और उनके भाइयों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर मुकदमे दर्ज कराने के प्रयास किए गए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके खिलाफ तेजाब डालने, दुष्कर्म, गोली चलाने और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोपों को लेकर प्रार्थना पत्र दिए गए।

वादी का कहना है कि इन मामलों में अलग-अलग स्तरों पर न्यायिक प्रक्रिया चली और उन्हें राहत भी मिली। इसके बाद उन्होंने कथित रूप से झूठे प्रार्थना पत्र और मुकदमे दर्ज कराने के प्रयासों को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

गंभीर धाराओं में फंसाने के प्रयास का आरोप

वादी के अनुसार एससी-एसटी न्यायालय के आदेश के आधार पर मंसूरपुर थाने में राबिया समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि लगातार झूठे प्रार्थना पत्र देकर उन्हें ऐसे गंभीर अपराध में फंसाने का प्रयास किया गया, जिनमें सात वर्ष से अधिक की सजा का प्रावधान है।

न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। जांच के दौरान आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों को जुटाने के साथ ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए गए।

फर्जी दस्तावेज और झूठे साक्ष्य का भी आरोप

मामले में पुलिस के अनुसार फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें वास्तविक बताकर इस्तेमाल करने के साथ झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस अब इन आरोपों से संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।

विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस ने बताया महिला का आपराधिक इतिहास

मंसूरपुर पुलिस ने गिरफ्तार राबिया का आपराधिक इतिहास भी बताया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ थाना मंसूरपुर में चोरी, धोखाधड़ी, मारपीट, जानलेवा हमला, छेड़छाड़ और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में पहले से मामले दर्ज हैं।

पुलिस के मुताबिक वर्तमान मुकदमा राबिया के खिलाफ दर्ज आठवां मुकदमा है। पुलिस उसके पुराने मुकदमों और वर्तमान प्रकरण में उसकी कथित भूमिका की भी जांच कर रही है।

घर से गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में पेश

मंसूरपुर पुलिस के अनुसार बुधवार को राबिया को उसके मकान से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार दबिश और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विवेचना में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महिला पुलिसकर्मियों की टीम ने की गिरफ्तारी

राबिया की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक किशन सिंह, महिला हेड कांस्टेबल बीना और महिला कांस्टेबल मोनिका शामिल रहीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार टीम ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार किया।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर निगाह

मामले के वादी मोहम्मद सलमान खान ने राबिया की गिरफ्तारी के बाद प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। दस्तावेजों, शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे प्रकरण में आरोपों की स्थिति और प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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