प्रयागराज: मध्य वायु कमान के अंतर्गत 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर व्यापक योगाभ्यास, 35 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल

प्रयागराज: मध्य वायु कमान के अंतर्गत 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर व्यापक योगाभ्यास, 35 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल

प्रयागराज। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य वायु कमान ने “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के अंतर्गत उत्साह, अनुशासन और व्यापक जनभागीदारी के साथ योग दिवस का आयोजन किया। कमान के अधीन सभी वायुसेना स्टेशनों और यूनिटों में आयोजित कार्यक्रमों में 35 हजार से अधिक वायुयोद्धाओं, उनके परिवारजनों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा रक्षा असैनिक कर्मचारियों ने भाग लेकर योग को स्वस्थ जीवन का आधार बनाने का संकल्प लिया।

योग दिवस के अवसर पर आयोजित सामूहिक योग सत्रों में प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने सामान्य योग प्रोटोकॉल के तहत विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, ऊर्जा और सकारात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मध्य वायु कमान के अधिकारियों ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक मजबूती और कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रभावी साधन भी है। तेज़-तर्रार और चुनौतीपूर्ण सैन्य जीवन में योग तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा शारीरिक क्षमता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर में लचीलापन, ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है, जो सैन्य कर्मियों की परिचालनात्मक तत्परता को भी मजबूत बनाता है।

योग दिवस पर सभी आयु वर्गों के लोगों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने यह साबित किया कि योग आज एक जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। युवा वायुयोद्धाओं से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों और परिवारजनों तक सभी ने स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

मध्य वायु कमान द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, कल्याण और कार्य-जीवन संतुलन को बढ़ावा देने की उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। योग दिवस के इस भव्य आयोजन ने यह संदेश दिया कि निरोग, सशक्त और सकारात्मक जीवन के लिए योग सबसे सरल, प्रभावी और भारतीय संस्कृति की अमूल्य देन है।

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