पुलिस कांस्‍टेबल ने किए ऐसे अच्‍छे काम, ट्रांसफर हुआ तो लिपटकर रोए बच्‍चे; बैंड बाजे की धुन पर पूरे गांव ने दी विदाई

यूपी के उन्‍नाव में कोरारीकला रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी सिपाही रोहित कुमार के कामों का ऐसा असर हुआ कि वो इलाके के हीरो बन गए। रोहित की दोस्‍ती गरीब बच्‍चों से हो गई वो भी ऐसी कि तबादला हुआ तो बच्चों के साथ गांव वाले भी रो पड़े। रोहित ने काम ही कुछ ऐसा किया था कि उनके तबादले पर जाने की खबर सुनकर हर कोई भावुक हो गया।

रोहित ने स्टेशन पर भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षित करने की मुहिम चला रहे थे। अपने पैसे से कॉपी, पेन ले आए और पांच बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। लॉकडाउन में भी बच्चों को पढ़ाया। यह देखकर गांव के गरीब बच्चे भी पढ़ने के लिए आने लगे। ऐसे में रोहित ने अपने खर्चे पर शिक्षक रखे। चार साल स्टेशन पर रहे रोहित का तबादला हुआ तो गांव रो पड़ा। बैंड बाजे की धुन पर उनको विदाई दी गई।

2018 जून में 2005 बैच के सिपाही रोहित का झांसी सिविल पुलिस से लखनऊ जीआरपी स्थानांतरण हो गया था। जीआरपी में आमद के बाद उन्हें उन्नाव रेलवे स्टेशन मिला था। ड्यूटी ज्वाइन करते ही उन्हें कोरारी रेलवे स्टेशन पर तैनाती दी गई। रोहित को डयूटी के दौरान कुछ बच्चे भीख मांगते दिखे। परिजनों ने स्कूल के नाम पर अनसुना कर दिया। इस पर रोहित ने बच्चों पढ़ाने संकल्प लिया और पांच बच्चों को पढ़ाने की शुरुआत की।

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