नोएडा मेट्रो का M3M पर बड़ा एक्शन! सुरक्षा में लापरवाही से रुकी एक्वा लाइन, 3 दिन में मांगा जवाब

नोएडा मेट्रो का M3M पर बड़ा एक्शन! सुरक्षा में लापरवाही से रुकी एक्वा लाइन, 3 दिन में मांगा जवाब

नोएडा। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने गंभीर सुरक्षा उल्लंघन, मेट्रो की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और एक्वा लाइन की सेवाओं में बाधा उत्पन्न करने के मामले में एम3एम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएमआरसी ने कंपनी को तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिला या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ हुए नुकसान की भरपाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

एनएमआरसी के मुताबिक, यह नोटिस सेक्टर-51 और सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन के बीच 2 अगस्त 2026 को हुई एक गंभीर घटना के बाद जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक एम3एम की निर्माणाधीन परियोजना स्थल पर क्रेन से संचालन के दौरान एक भारी लिफ्टिंग स्लिंग (वेबिंग स्लिंग) टूटकर मेट्रो लाइन के ऊपर लगे ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओ) के संपर्क तार और कैंटिलीवर असेंबली में फंस गई। इस घटना के चलते कई मेट्रो ट्रेनों के पैंटोग्राफ क्षतिग्रस्त हो गए और ओएचई के कई उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा। एनएमआरसी ने बताया कि इस हादसे के कारण एक्वा लाइन पर मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुईं और संचालन रोकना पड़ा।

क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत और लाइन को सुरक्षित बनाने के बाद ही सेवाएं सामान्य हो सकीं। इस दौरान निगम को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा तथा यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि 7 अगस्त 2025 को हुई बैठक में एम3एम की परियोजना टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी परिस्थिति में क्रेन का बूम मेट्रो ट्रैक के ऊपर नहीं जाएगा। साथ ही, क्रेन का संचालन केवल निर्माण स्थल की निर्धारित सीमा के भीतर किया जाएगा तथा उपयोग न होने या खराब मौसम की स्थिति में क्रेन के बूम को लॉक रखा जाएगा। इसके बावजूद कंपनी की ओर से इन सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

एनएमआरसी का कहना है कि परियोजना प्रबंधन को कई बार मौखिक चेतावनी और काउंसलिंग भी दी गई थी, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी रही। एनएमआरसी ने अपने नोटिस में घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि यदि स्लिंग किसी भारी भार को उठाए हुए टूटती और वह चलती हुई मेट्रो ट्रेन, ट्रैक या यात्रियों पर गिर जाती, तो यह एक बड़े हादसे का रूप ले सकती थी। ऐसी स्थिति में जनहानि, मेट्रो ट्रेन के पटरी से उतरने, भारी संपत्ति नुकसान और लंबे समय तक मेट्रो सेवाएं बाधित होने जैसी गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती थीं। मेट्रो निगम ने इस पूरे प्रकरण को घोर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अवहेलना करार दिया है। एनएमआरसी ने कहा है कि एम3एम द्वारा बार-बार दिए गए सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए कंपनी से तीन दिन के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो निगम कानूनी कार्रवाई, क्षतिपूर्ति की वसूली तथा इस घटना से हुए सभी नुकसान, लागत और देनदारियों की भरपाई के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

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