नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में थाना कासना में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा के निदेशक ने संविदा पर कार्यरत अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ आज विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है।

उनका आरोप है कि ये लोग 15 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिससे अस्पताल की सेवाएं बाधित हो रही है। धरना प्रदर्शन समाप्त करने के लिए जिम्स एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा लगातार वार्ता की जा रही है, लेकिन ये लोग नहीं मान रहे हैं। यह लोग मांग कर रहे हैं कि संस्थान उन्हें बिना किसी परीक्षा आयोजन के उनकी सेवाओं को नियमित कर दें। संस्थान द्वारा सभी कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया है कि गैर शैक्षणिक सेवा के स्वीकृत पदों के साक्षेप वर्तमान में कार्य कर्मचारियों की सेवाओं को यथावत रखते हुए बचे हुए अतिरिक्त पदों से भी कम पदपर भर्ती की प्रक्रिया जारी है, जिससे वाह्य सेवाएं प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की वर्तमान सेवा पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उनके अनुसार जिला एवं पुलिस प्रशासन व संस्थान द्वारा धरना प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों से 10- 15 बार वार्ता की गई, उनकी सभी मांगों को सकारात्मक तरीके से सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने भी सभी को बुलाकर उनसे वार्ता की, लेकिन कर्मचारी अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग पर अडिग है। वर्तमान में उनके द्वारा ओपीडी के मुख्य द्वार पर स्थित मरीज पंजीकरण क्षेत्र में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उनके हंगामा करने से अस्पताल में भर्ती मरीजों का असुविधा तथा राजकीय कार्य मे बाधा उत्पन्न हो रही है। धरना प्रदर्शन के चलते मरीजोः के मन में ऐसा भ्रम पैदा हो गया है कि अस्पताल बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को पंजीकरण क्षेत्र से हटकर किसी अन्य स्थल पर धरना प्रदर्शन करने के लिए कहा गया तो वे उग्र हो गए ,तथा संस्थान के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनके ऊपर हमला कर दिया। उग्र कर्मचारियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इससे आईसीयू विभाग में गंभीर अवस्था में भर्ती मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है। थाना कासना के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि जिम्स के निदेशक की शिकायत पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वही सोशल मीडिया पर एक वीडियो बुधवार की देर रात से वायरल हो रही है, जिसमें जिम्स के संविदा कर्मचारी और पुलिस के बीच झड़प होती हुई दिखाई दे रही है। धरनारत कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस ने जमकर लाठी चलाई जिसमे 70 कर्मचारी घायल हो गए हैं। दो आईसीयू में भर्ती है। पुलिस ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उन्हें बस में भरकर पुलिस लाइन ले जाया गया । 15 जून से जिम्स के करीब 700 आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

