नोएडा के ट्विन टावर की तर्ज पर गिराया गया पुणे का चांदनी चौक ब्रिज

पुणे के चांदनी चौक इलाके में नब्बे के दशक में बने एक पुराने पुल को शनिवार देर रात विस्फोट के जरिए ढहा दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि शहर के चांदनी चौक इलाके में मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग (एनएच4) पर बने पुल को शनिवार देर रात एक बजे ढहा दिया गया। पुल ढहाने के बाद मलबा हटाने के लिए कई अर्थमूवर मशीनों और ट्रकों की मदद ली गयी। इस पुल को ढहाना, चांदनी चौक में यातायात की स्थिति को सुधारने के उद्देश्य वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना का हिस्सा है। चांदनी चौक इलाके में यातायात जाम की समस्या रहती है खासतौर से सुबह और शाम के दौरान।

रात एक बजे ढहाया गया पुल
योजना के अनुसार, इस पुल के स्थान पर एक फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस काम का जिम्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) तथा स्थानीय नगरनिकाय प्राधिकारियों के पास है। पुल ढहाने को लेकर स्थानीय लोगों के बीच काफी उत्सुकता थी। एडिफिस इंजीनियरिंग के सह-मालिक चिराग छेडा ने कहा, ‘‘पुल को नियंत्रित विस्फोट के जरिए देर रात एक बजे ढहाया गया और सब कुछ योजना के मुताबिक किया गया। अब हमने घटनास्थल से मलबा हटाने के लिए अर्थमूवर मशीनों और ट्रकों की मदद ली है।”

इन अधिकारियों ने संभाला पुल को ढहाने का जिम्मा
अधिकारियों ने बताया कि एनएचएआई प्राधिकारियों के साथ एडिफिस इंजीनियरिंग के एक दल ने पुल को ढहाने का जिम्मा संभाला था। इसी कंपनी ने इस साल अगस्त में नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावरों को ढहा दिया था। विस्फोटक के मद्देनजर इलाके में वाहनों की आवाजाही रोक दी गयी और उनका मार्ग परिवर्तित कर दिया गया। यह पूछे जाने पर कि पुल का एक हिस्सा पूरी तरह नहीं गिराया गया, इस पर एडिफिस के एक अधिकारी ने कहा कि विस्फोट के कारण कंक्रीट हटा दिया गया है और अब केवल इस्पात की छड़ें बची हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब इस्पात की छड़ों को मशीनों के जरिए हटा दिया जाएगा तो बाकी का ढांचा भी गिर जाएगा।”

इलाके में धारा 144 लगायी गयी थी
अधिकारी ने बताया कि पुल के निर्माण में इस्तेमाल इस्पात की मात्रा उनकी उम्मीद से काफी बेहतर थी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को चांदनी चौक में हो रहे पुल संबंधी कार्य का हवाई निरीक्षण किया था। जिला प्रशासन के अनुसार, पुल को ढहाने तथा मलबा हटाने के लिए पर्याप्त श्रमबल और मशीनरी को काम में लगाया गया ताकि रविवार को सुबह तक यातायात बहाल किया जा सके। पुल को ढहाने के मद्देनजर मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग पर वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया था। पुल के आसपास बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित होने से रोकने के लिए इलाके में धारा 144 लगायी गयी थी। पुल को ढहाने के लिए करीब 600 किलोग्राम विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया।

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