नेपाल की त्रासदी में मुजफ्फरनगर का मदद को हाथ: पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने शुरू किया राहत अभियान, बोलीं-मुश्किल वक्त में साथ खड़ा होना ही मानव धर्म

नेपाल की त्रासदी में मुजफ्फरनगर का मदद को हाथ: पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने शुरू किया राहत अभियान, बोलीं-मुश्किल वक्त में साथ खड़ा होना ही मानव धर्म

मुजफ्फरनगर। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा से पैदा हुए संकट के बीच मुजफ्फरनगर से मानवीय संवेदना की मिसाल सामने आई है। नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने नेपाल के आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राहत अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत सामग्री और सहयोग देकर इस अभियान को जनभागीदारी का रूप दें, ताकि संकट में फंसे नेपाल के अधिक से अधिक परिवारों तक मदद पहुंचाई जा सके।

पालिका अध्यक्ष ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में नेपाल के पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना हम सभी का मानवीय कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का छोटा सा सहयोग भी किसी जरूरतमंद परिवार के लिए बड़ी राहत और उम्मीद का कारण बन सकता है।

जल प्रलय ने हजारों परिवारों के सामने खड़ा किया संकट

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर जनजीवन को प्रभावित किया है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। आपदा के कारण लोगों को अपने घरों, जरूरी सामान और आजीविका से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे समय में प्रभावित परिवारों को केवल संवेदना नहीं, बल्कि भोजन, कपड़े, जरूरी घरेलू सामान और अन्य राहत सामग्री जैसी व्यावहारिक मदद की आवश्यकता है। इसी जरूरत को देखते हुए मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद की ओर से राहत अभियान शुरू करने की पहल की गई है।

टाउनहाल बनेगा राहत सामग्री जुटाने का मुख्य केंद्र

नगरपालिका परिषद की ओर से राहत सामग्री एकत्र करने के लिए टाउनहाल स्थित मुख्यालय को मुख्य केंद्र बनाया गया है। पालिका अध्यक्ष ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराएं और उसे नगरपालिका परिषद के मुख्यालय तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि इस अभियान को केवल नगरपालिका परिषद तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि शहर के हर वर्ग को इससे जोड़ा जाना चाहिए। जितने अधिक लोग इस मानवीय अभियान से जुड़ेंगे, उतनी ही अधिक सहायता जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जा सकेगी।

सभासदों और सामाजिक संगठनों से सक्रिय भागीदारी की अपील

मीनाक्षी स्वरूप ने नगरपालिका परिषद के सभी वार्ड सभासदों, सामाजिक संगठनों, भारतीय जनता पार्टी संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों और वार्डों में लोगों को राहत अभियान से जोड़ें। अलग-अलग क्षेत्रों से एकत्र होने वाली राहत सामग्री को टाउनहाल स्थित नगरपालिका परिषद के मुख्यालय तक पहुंचाने में भी सहयोग किया जाए।

पालिका अध्यक्ष ने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास से सीमित संख्या में लोगों तक मदद पहुंच सकती है, लेकिन जब पूरा समाज आगे आता है तो राहत का दायरा काफी बड़ा हो जाता है।

छोटा सहयोग भी बन सकता है किसी परिवार की बड़ी उम्मीद

पालिका अध्यक्ष ने शहरवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि राहत अभियान में योगदान की मात्रा से ज्यादा उसकी भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया छोटा सा सहयोग भी आपदा पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में किसी के काम आना ही सबसे बड़ा मानव धर्म है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार इस अभियान में योगदान देना चाहिए, ताकि नेपाल के प्रभावित परिवारों को यह एहसास हो कि संकट की घड़ी में पड़ोसी देश के लोग उनके साथ खड़े हैं।

भारत और नेपाल के रिश्तों का भी किया उल्लेख

मीनाक्षी स्वरूप ने भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच सदियों से आत्मीयता और आपसी जुड़ाव रहा है।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के लोगों पर जब इतनी बड़ी विपदा आई हो, तब संवेदनशीलता दिखाना और उनकी मदद के लिए आगे आना हम सभी का दायित्व है। संकट की घड़ी में मानवीय रिश्ते किसी सीमा के मोहताज नहीं होते।

सरकारों की ओर से भी सहायता के प्रयास का उल्लेख

पालिका अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार भी संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर किए जा रहे राहत प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। आम नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राहत अभियान को और व्यापक बनाया जा सकता है।

राहत और पुनर्वास में समाज की भागीदारी जरूरी

मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि आपदा के बाद राहत पहुंचाने के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की चुनौती भी बड़ी होती है। ऐसे में समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने मुजफ्फरनगर के लोगों से अपील की कि वे आगे आएं, अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दें और इस राहत अभियान को मजबूत बनाएं। उनका कहना है कि सामूहिक संवेदना और सहयोग से संकट में फंसे लोगों के जीवन में उम्मीद की किरण जगाई जा सकती है।

पालिका अध्यक्ष ने कहा कि सेवा और सहयोग की भावना से किया गया प्रयास किसी जरूरतमंद परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। ऐसे समय में जब नेपाल के हजारों परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, मुजफ्फरनगर के लोगों की मदद उनके लिए राहत और भरोसे का संदेश बन सकती है।

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