ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में डाइमंड लीग फाइनल्स का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। इस खिताब को जीतने वाले नीरज पहले भारतीय एथलीट हैं। नीरज ने 88.44 मीटर दूर भला फेंक कर इस खिताब पर कब्जा जमाया है।

नीरज ने डाइमंड लीग 2017 और 2018 के फाइनल में भी जगह बनाई थी। लेकिन तब वे सातवें और चौथे स्थान पर रहे थे। इस बार भारतीय एथलीट ने कोई कसर नहीं छोड़ी और यह खिताब अपने नाम कर लिया। इसी के साथ उन्होंने हंगरी के बुडापेस्ट में 2023 में होने वाले विश्व चैम्पियनशिप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।

डाइमंड लीग फाइनल्स में नीरज की शुरुआत खराब रही। उनका पहला थ्रो फाउल रहा। दूसरे राउंड में उन्होंने 88.44 मीटर दूर थ्रो करके बढ़त बनाई और फिर आखिर तक इसे जारी रखा। तीसरे में उन्होंने 88.00 मीटर, चौथे में 86.11 मीटर, पांचवें में 87.00 मीटर और छठे में प्रयास में 83.60 मीटर दूर भाला फेंका।
डायमंड लीग फाइनल में टोक्यो ओलंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट चेक रिपब्लिक के जैकब वाडलेच 86.94 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ दूसरे और जर्मनी के जूलियन वेबर (83.73) तीसरे नंबर पर रहे। नीरज ने इसके अलावा 2021 में ओलंपिक में गोल्ड, 2018 में एशियाई खेलों में गोल्ड, 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड, 2022 में विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किए हैं।
हाल ही में नीरज ने भारत को वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल दिलाया था। अंजू बॉबी जॉर्ज (2003) के बाद वह ऐसा करने वाले सिर्फ दूसरे एथलीट बने। फाइनल में नीरज ने 88.13 मीटर दूर तक भाला फेंका था और सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। लेकिन इसके फ़ाइनल में नीरज चोपड़ा को चोट लगी थी। वे जांघ पर पट्टी लपेटते भी नजर आए थे। उसी चोट की वजह से नीरज कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।