निपुण भारत मिशन हमारे कार्यकौशल का जीवंत दस्तावेज प्रमाणित हो : प्राचार्य डायट

बरेली। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान फरीदपुर ( बरेली ) में आहुत बेसिक शिक्षा के प्रधानाध्यापकों की मासिक समीक्षा बैठक में प्राचार्य डायट / उप शिक्षा निदेशक मुन्ने अली ने प्रधानाध्यपको का आह्वान करते हुए कहा कि निपुण भारत मिशन के अंतर्गत वर्ष 2025 तक निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती है और इस चुनौती को स्वीकार करने वाले हम देश के प्रथम राज्य हैं । मुन्ने अली ने कहा कि आज के बदलते शैक्षिक परिवेश में शिक्षकों की भूमिका और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।हमको एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना है जो भविष्य की चुनौतियों का डट कर मुकाबला करते हुए श्रेष्ठ भारत के नेतृत्व के साथ साथ विश्व का मार्गदर्शन कर सके । प्राचार्य डायट ने कहा कि इस पुनीत कार्य की शुरूआत निपुण भारत मिशन के इस महाअभियान से हो चुकी है । उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षिक संवर्धन के लिए आधुनिक तकनीकी के प्रयोग पर बल दिया । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सहायक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र प्रताप सिंह ने अध्यापकों का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जबकि हमको शिक्षा के मूल तत्व को समझ कर देश की शिक्षा व्यवस्था को इतनी मजबूती प्रदान करना है कि हमारा देश पुनः विश्व गुरू के गरिमामय पद पर सुशोभित हो । डॉ.सिंह ने कहा कि हमको राज्य सरकार की उन समस्त योजनाओं को जन जन तक पहुंचाना है जो देश की शिक्षा व्यवस्था से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ीं हों । उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संकल्पना पर आधारित प्रदेश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में मिशन शक्ति-2 मील का पत्थर प्रमाणित हो इसके लिए हम सब को मिशन भावना से काम करना है तथा इसका मूल मन्त्र है समर्पण व पूर्ण मनोयोग से भविष्य के भारत का नेतृत्व करने वाली आगामी पीढ़ी को शिक्षा के शक्तिशाली कवच से युक्त करने का संकल्प लें ।
डॉ. एम.पी.सिंह ने आधार प्रमाणीकरण के कार्य को समय से कराए जाने के निर्देश खण्ड शिक्षा अधिकारियों को दिए ताकि डी.बी.टी. की धनराशि समय से छात्रों के बैंक खातों में अंतरित की जा सके और वे स्कूल यूनिफार्म , जूता मोजा , स्कूल बैग आदि सामग्री खरीद कर वर्तमान शैक्षिक सत्र में ही उपयोग कर सकें । कार्यक्रम के अंत मे खण्ड शिक्षा अधिकारी ( फरीदपुर ) श्री शशांक मिश्रा ने उप शिक्षा निदेशक तथा सहायक शिक्षा निदेशक का प्रभावी मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया ।

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