मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के पलड़ा गांव की रहने वाली एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के पांच अन्य लोगों पर अतिरिक्त दहेज के रूप में दो लाख रुपये की मांग करने, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। विवाहिता ने अपने पति पर जलती सिगरेट से शरीर के संवेदनशील हिस्सों को जलाने और मारपीट के कारण आठ माह का गर्भ गिरने का भी गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस अभिलेखों के अनुसार मामले की विवेचना उपनिरीक्षक योगेश कुमार कर रहे हैं। मुकदमे में पति आशू उर्फ आसमौहम्मद निवासी ग्राम शोरों थाना शाहपुर, उसकी मां बानो, मामा ससुर हारून, ननद आसमा, ननद गुलशासना और ननदोई जावेद को नामजद किया गया है।

वर्ष 2023 में हुई थी शादी
विवाहिता के अनुसार वर्ष 2023 में उसका विवाह आशू उर्फ आसमौहम्मद के साथ हुआ था। उसका कहना है कि शादी के समय मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार करीब आठ लाख रुपये खर्च किए थे। इसके अलावा सोना, चांदी, नकदी, मोटरसाइकिल और घर-गृहस्थी का सामान भी दहेज में दिया गया था।
विवाहिता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज को लेकर उसे ताने देने शुरू कर दिए। आरोप है कि पति और अन्य नामजद लोग दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे और उस पर मायके से दो लाख रुपये अतिरिक्त लाने का दबाव बनाया जाता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी।
अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट का आरोप
विवाहिता का कहना है कि उसने ससुराल पक्ष के लोगों को अपनी और मायके की आर्थिक स्थिति के बारे में बताया, लेकिन इसके बावजूद उत्पीड़न कम नहीं हुआ। आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा।
तहरीर में विवाहिता ने अपने पति पर गंभीर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पति छोटी-छोटी बातों पर उसके साथ मारपीट करता था। उसने आरोप लगाया कि एक घटना के दौरान पति ने जलती सिगरेट से उसके शरीर के संवेदनशील हिस्सों को जला दिया। विवाहिता के अनुसार उसने वैवाहिक जीवन बचाने के लिए लंबे समय तक कथित उत्पीड़न सहन किया, लेकिन ससुराल पक्ष का व्यवहार नहीं बदला।
मारपीट से आठ माह का गर्भ गिरने का आरोप
विवाहिता ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने कई बार एकजुट होकर उसके साथ मारपीट की। इसी दौरान एक घटना में अत्यधिक मारपीट के कारण उसका आठ माह का गर्भ गिर गया। आरोप है कि इसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया।
विवाहिता के मुताबिक उसने उस समय डायल 112 पुलिस सेवा को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया था। आरोप है कि उस समय ससुराल पक्ष के लोगों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में उसे परेशान नहीं करने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे के बाद वह दोबारा ससुराल चली गई थी।
छह माह की गर्भावस्था में घर से निकालने का आरोप
विवाहिता का आरोप है कि दोबारा ससुराल जाने के कुछ समय बाद फिर से उसका उत्पीड़न शुरू हो गया। करीब सवा साल पहले नामजद लोगों ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की और छह माह की गर्भावस्था के दौरान उसे केवल पहने हुए कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया।
विवाहिता का आरोप है कि उस दौरान उसे धमकी दी गई कि जब तक मायके से दो लाख रुपये नहीं लाती, तब तक ससुराल में वापस न आए। उसने यह भी आरोप लगाया कि वापस आने पर उसे जान से मारने और जिंदा जला देने की धमकी दी गई।
मायके में बेटी को जन्म दिया
ससुराल से निकाले जाने के बाद विवाहिता अपने मायके पहुंची। उसने वहीं एक पुत्री को जन्म दिया, जिसका नाम आयरा बताया गया है। विवाहिता का आरोप है कि बच्ची के जन्म से लेकर उसके पालन पोषण तक का खर्च मायके पक्ष के लोगों ने उठाया। उसका कहना है कि पति और ससुराल पक्ष के किसी सदस्य ने उसकी और बच्ची की सुध नहीं ली तथा बच्ची के लिए कोई खर्च भी नहीं दिया।
विवाहिता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि उसकी मां का जून 2026 में एक दुर्घटना में निधन हो गया। आरोप है कि मां की मौत के दुखद समय में भी उसका पति उसे और बच्ची को देखने नहीं आया। विवाहिता का दावा है कि इसके बाद पति की ओर से उसे मानसिक रूप से परेशान करने के उद्देश्य से तीन तलाक से संबंधित एक नोटिस भी भेजा गया।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
लगातार कथित उत्पीड़न और धमकियों से परेशान विवाहिता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर बुढ़ाना थाना पुलिस ने पति आशू उर्फ आसमौहम्मद समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने दहेज की मांग, मारपीट, गर्भ गिरने, धमकी देने और अन्य लगाए गए आरोपों को जांच में शामिल किया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक योगेश कुमार द्वारा की जा रही है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।

