बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को ट्रैफिक नियम तोड़ना उस समय महंगा पड़ गया जब उन्हें 41 हजार रुपए चालान का भरना पड़ा। दरअसल, मनोज तिवारी बुधवार को राजधानी की सड़कों पर दुपहिया वाहन पर सवार होकर समर्थकों के साथ तिरंगा रैली में निकले और इस दौरान भीड़ में शामिल अधिकांश लोग दुपहिया वाहनों पर सवार थे।

उत्तर पूर्व दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनोज तिवारी को इस दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते देखा गया। दरअसल मनोज तिवारी और भीड़ में शामिल तमाम लोग बिना हेलमेट लगाए हुए ही रैली में शामिल हुए। बात जब ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय तक पहुंची तो, वो उन्होंने पहले मनोज तिवारी के खिलाफ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के सारे सबूत इकट्ठे किए औऱ फिर उन्हें भारी भरकम जुर्माना ठोका।

दिल्ली पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, सांसद का जो चालान काटा गया है, उसमें ट्रैफिक कानून उल्लंघन की कई धाराओं से जुड़ा मामला मिला है। जिसमें धारा-194 डी जोकि बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ 1000 रुपए का चालान किया गया, इसके अलावा दुपहिया वाहन चलाने का लाइसेंस भी मौजूद नहीं था तो धारा 3/181 के तहत सांसद मनोज तिवारी पर 5 हजार रुपए का एक और चालान काटा गया। इतना ही नहीं दुपहिया वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट भी नहीं था जिसके लिए उनका 10 हजार रुपए का एक और चालान भी भरना पड़ा।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय प्रवक्ता ने बताया कि चूंकि सांसद के पास वाहन का पंजीयन सर्टिफिकेट (RC) भी जांच में मौजूद नहीं मिली तो उन्हें लिहाजा इस मद में 5000 रुपए के अर्थदंड का चालान किया गया। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के अपना दुपहिया वाहन देना भी जुर्मके तौर पर धारा 5/180 के तहत 5000 हजार रुपए का एक और चालान कटा और तो और बिना पॉलुशन सर्टिफिकेट के ही वाहन रखने और उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तक मौजूद न मिलने के चलते दो अलग अलग धाराओं में 5 हजार और 10 हजार के दो अन्य चालान भी काटे गए जिसके साथ सांसद मनोज तिवारी को कुल जुर्माना करीब 41 हजार रुपए चुकाने पड़े।