दर्शक संख्या और गुणवत्ता के लिहाज से सफलता के नए प्रतिमान गढ़ रहा है दूरदर्शन का सीधा प्रसारण।

दर्शक संख्या और गुणवत्ता के लिहाज से सफलता के नए प्रतिमान गढ़ रहा है दूरदर्शन का सीधा प्रसारण।

अनिल त्रिपाठी

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सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए हर सम्भव जतन कर रही है। इसी क्रम में गत वर्ष से अयोध्या में ‘ अयोध्या की रामलीला ‘ के मंचन का श्रीगणेश हुआ। लोक-प्रसारक होने के नाते इस बहुप्रचारित आयोजन के सीधे प्रसारण का ज़िम्मा दूरदर्शन को सौंपा गया। गत वर्ष भी दूरदर्शन ने अपनी भूमिका का निर्वाह सफलतापूर्वक किया था जबकि इस वर्ष गत वर्ष की अपेक्षा अधिक सक्रियता और सजगता के परिणामस्वरूप विश्वस्तरीय गुणवत्ता देखने को मिल रही है।

अयोध्या की रामलीला के सीधे प्रसारण के साथ ही दूरदर्शन नित्यप्रति आकर्षक और रोचक ढंग से अयोध्या के विभिन्न धार्मिक-पौराणिक दर्शनीय स्थलों के दर्शन भी अपने दर्शकों को करा रहा है।

मयंक अग्रवाल

इसका पूरा श्रेय दूरदर्शन के वर्तमान महानिदेशक श्री मयंक अग्रवाल के कुशल नेतृत्व को जाता है। उनके मार्गदर्शन में दूरदर्शन दिल्ली एवं लखनऊ के साथ ही अन्य केंद्रों के अनेक अनुभवी, सिद्धहस्त, योग्य, कर्मठ ,समर्पित अधिकारियों, तकनीशियनों और कर्मचारियों की भारी भरकम टीम पूरे मनोयोग पूरे प्राणपन से इस मंचन के सीधे प्रसारण को सफलता के साथ देश-दुनिया के दर्शकों तक पंहुचा रही है। प्रसारण के हर पक्ष पर महानिदेशक स्वयं पैनी निगाह रख रहे हैं यही वजह है कि दर्शक संख्या के लिहाज से इस वर्ष का सीधा प्रसारण नित नए आयाम गढ़ते नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। गत वर्ष जहाँ रामलीला के सीधे प्रसारण को 16 करोड़ दर्शकों ने देखा था तो वहीं इस वर्ष ये संख्या 25 करोड़ को पार करने का अनुमान है।

हालाँकि मंचन, विषयवस्तु और संवाद के मामले में आलोचना के स्वर भी सुनाई पड़ रहे हैं किंतु जहां तक ‘अयोध्या की रामलीला’ के मंचन, स्क्रिप्टिंग, कास्टिंग आदि का संबंध है तो ये सभी पूरी तरह से ‘अयोध्या की रामलीला’ के आयोजक और निर्देशक के अधिकार क्षेत्र में हैं, इन पक्षों में दूरदर्शन का कोई दख़ल,कोई भूमिका नहीं।

इस प्रस्तुति में दूरदर्शन तो मात्र सीधे प्रसारण की अपने दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वाह कर रहा है, उसमे परोसी जाने वाली सामग्री से उसका कोई संबंध नहीं। ये ठीक उसी तरह है जैसे दूरदर्शन किसी मैच का सीधा प्रसारण दिखाता है किंतु उसमे खेलने वाले खिलाड़ी के अच्छे-बुरे प्रदर्शन या मैच के परिणाम में उसकी कोई भूमिका नहीं होती।

जहाँ तक दूरदर्शन का सवाल है तो ‘अयोध्या की रामलीला’ के सीधे प्रसारण की गुणवत्ता की जितनी प्रशंसा की जाय कम है इसके लिए महानिदेशक समेत दूरदर्शन की पूरी टीम बधाई के पात्र हैं।

(लेखक दूरदर्शन के कमेंट्रेटर,अनुबंधित समाचार वाचक और स्वतंत्र लेखक हैं)

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