ताजमहल का नाम तेजो महालय करने के प्रस्ताव पर बुधवार को चर्चा नहीं हो सकी। जिससे जाहिर है कि ताजमहल का नाम फिलहाल यही रहेगा। दरअसल नगर निगम सदन में बुधवार को भाजपा पार्षद के प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। जिसपर सभी की निगाहें टिकी थीं। एजेंडे में यह प्रस्ताव संख्या 4(7) के तहत 22वें नंबर पर सूचीबद्ध किया गया था लेकिन इस बीच हंगामे के कारण प्रस्ताव पटल पर पेश नहीं हो सका। जिसके बाद मेयर ने सदन स्थगित करने की घोषणा कर दी।
बता दें कि इससे पहले 7 मई 2022 को अयोध्या के डॉ. रजनीश सिंह ने ताजमहल के तहखाने में हिंदू देवी.देवताओं की मूर्तियां होने का दावा करते हुए हाईकोर्ट से ताज के बंद 22 कमरों को खोलने की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद भाजपा के पार्षद शोभाराम राठौर ने ताजमहल का नाम बदलने को लेकर प्रस्ताव पेश किया। उनके प्रस्ताव पर चर्चा होती उससे पहले ही बौद्धस्तूप के निर्माण के प्रस्ताव पर हंगामा हो गया और तेजोमहालय पर चर्चा नहीं हो सकी।
भाजपा पार्षद ने दिया था प्रस्तावउधर, मेयर नवीन जैन ने कहा कि ताजमहल का नाम तेजोमहालय हो। इस तरह का एक प्रस्ताव भाजपा पार्षद शोभाराम राठौर ने दिया है। इस पर चर्चा नहीं हो सकी। जब अगले सदन की बैठक होगी। तब प्रस्ताव को देखा जाएगा। अभी तो सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। जिन लोगों ने हंगामा किया। उन पार्षदों की सदस्यता भी जा सकती है। क्योंकि उन्हें तीन बार मैंने स्वयं समझाया लेकिन वह नहीं माने।
