डॉक्टरों का कहना है कि इन दिनों सामान्य दिनों की अपेक्षा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए योग करना चाहिए। वहीं तेल मसाला युक्त खाद्य सामग्री का प्रयोग न करें। पानी आरओ का पिएं नहीं तो पानी को उबाल कर ठंडा कर लें उसके बाद उसका सेवन करें। बासी भोजन कतई न करें, घर में बना ताजा पका भोजन करें। हरी सब्जियां व ताजे मौसमी फल खाएं। सं₹मण की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि जिले के लगभग सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी 60 फीसदी तक बढ़ गई है, शहर में भी वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। हालांकि इस बार सामान्य लक्षणों के साथ मरीजों को कमर में तेज दर्द, घुटने और जोड़ों में दर्द भी हो रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों में अधिकांश को बुखार की शिकायत है। पहले जहां गले में खराश की समस्या सामने आ रही थी अब मरीजों को चलने में तकलीफ हो रही है। इसके साथ ही कमर और जोड़ों में बहुत तेज दर्द भी हो रहा है। कुछ बच्चों में बुखार, उल्टी, दस्त के अलावा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत भी सामने आ रही है।

एक ओर डॉक्टर मरीजों को पोषण आहार की सलाह देते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं वहीं जिला अस्पताल में मरीजों को जो भोजन दिया जा रहा है उस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकारी अस्पताल में मरीजों को भोजन देने की व्यवस्था ठेकेदार को सौंपी गई है। अस्पताल में बच्चा वार्ड में भर्ती कई बच्चों की परिजनों ने बताया कि सुबह जो बच्चों के लिए अस्पताल से जो दूध दिया जाता है वह बिल्कुल पतला होता है, जिसे बच्चे पीना पसंद ही नहीं करते।
