कठुआ। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में राज्य के पूर्ण दर्जे की बहाली को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव और उसमें स्वायत्तता तथा विशेष दर्जे से जुड़े संदर्भों को लेकर कठुआ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला भाजपा अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला फूंका।

गौरतलब हो कि विधानसभा में 28 सितंबर को राज्य का पूर्ण दर्जा बहाल करने संबंधी प्रस्ताव पारित हुआ। इस दौरान प्रस्ताव में पूर्ववर्ती स्वायत्तता और विशेष दर्जे से जुड़े संदर्भों को लेकर भाजपा विधायकों ने विरोध जताया और सदन से वॉकआउट किया। कठुआ में प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि अनुच्छेद 370 की वापसी अब संभव नहीं है और पार्टी इसे स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 5 अगस्त 2019 के बाद संवैधानिक व्यवस्था में बदलाव हुआ है और अब प्रदेश को पीछे ले जाने वाली किसी भी मांग का विरोध किया जाएगा।

भाजपा नेता राहुल देव, राजेश मेहता, रंजीत सिंह पठानिया ने कहा कि 370 वापस नहीं आएगी और न ही हमें इसकी जरूरत है लेकिन जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जरूर वापस मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आश्वासन का भी उल्लेख किया जिसमें उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विशेष दर्जे और पुरानी संवैधानिक व्यवस्था की मांग जम्मू-कश्मीर को फिर से उसी दिशा में ले जाने का प्रयास है जिससे क्षेत्र ने आगे बढ़कर दूरी बनाई है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास, प्रशासनिक सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए बदलाव हुए हैं और इन बदलावों को पीछे नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी राज्य के दर्जे की बहाली के खिलाफ नहीं है बल्कि अनुच्छेद 370 अथवा 2019 से पहले की विशेष संवैधानिक व्यवस्था की बहाली के किसी भी प्रयास का विरोध करती है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उमर अब्दुल्ला सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि जम्मू-कश्मीर का भविष्य विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए न कि पुरानी व्यवस्था को वापस लाने की राजनीति में उलझना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर को उचित समय पर राज्य का दर्जा वापस देने की बात कही है और पार्टी को विश्वास है कि यह दर्जा बहाल होगा। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा जम्मू-कश्मीर के लोगों का अधिकार है लेकिन अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर भाजपा का रुख स्पष्ट है। विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्यीववक को लेकर कहा था कि जम्मू-कश्मीर को किसी कृपा या खैरात की जरूरत नहीं है और राज्य का दर्जा बहाल करना केंद्र की ओर से किए गए वादे को पूरा करना होगा।

