जमीयत उलमा-ए-हिन्द बुढ़ाना के सौजन्य से आयोजित हुआ मदरसों के प्रबन्धको का विशेष सम्मेलन 

बुढ़ाना( काशिफ जमाल)।  मदरसों ने अंग्रेजो से लड़ने के लिए सपूतो को पैदा किया और आज़ादी की लड़ाई में विशेष योगदान दिया गुरुवार को करबला रोड स्तिथ मस्जिद हमज़ा में जमीयत उलमा-ए-हिन्द शाखा बुढाना के सहयोग से आयोजिय मदरसों के संचालको के विशेष सम्मेलन में मदरसों के सर्वे को लेकर एक कमेटी बनाई गयी जो मदरसों के सर्वे में सहयोग करेगी । सम्मेलन में आये मदरसों के प्रबन्धको ने दारुल उलूम देवबंद में आयोजित हुये मदरसों के संचालको व प्रबन्धको के इजलास में सरकार द्वारा मदरसों के सर्वे कराये जाने के सम्बंध में दारुल उलूम द्वारा जारी किये गये घोषणा पत्र का समर्थन किया गया है। सम्मेलन में सर्वे के सम्बंध में उपजिलाधिकारी से वार्ता करने का फैसला लिया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता जमीयत उलमा बुढ़ाना के नगर अध्यक्ष हाफिज़ शेरदीन तथा संचालन जिला सचिव एवं जिला मीडिया प्रभारी मौ0आसिफ क़ुरैशी ने किया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये जमीयत उलमा बुढ़ाना के नगर अध्यक्ष हाफिज़ शेरदीन ने कहा कि सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के मदरसों का सर्वे कराया जा रहा है । सर्वे में मदरसा संचालको द्वारा पूर्ण सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा की सरकार अगर साफ नियत से कोई कार्य करती है तो हमे कोई ऐतराज नही है उन्होंने मदरसो के योगदान पर प्रकाश डालते हुये कहा कि मदरसों की क़ुरबानी को भुलाया नही जा सकता है मदरसों ने आजादी की लड़ाई से लेकर अमनो शांति के लिये विशेष योगदान दिया है।सम्मेलन के मुख्य अथिति रहे मौलाना नज़र मुहम्मद क़ासमी ने मदरसों के संचालको से कहा कि सर्वे में बेझिझक पूर्ण सहयोग करे । उन्होंने कहा कि अगर कोई परेशानी आती है तो जमीयत उलमा-ए-हिन्द के पदाधिकारियों से संपर्क करे जो आपकी मदद करेंगे । उन्होंने कहा कि सभी मदरसों के प्रबंधक दारुल उलूम देवबंद व जमीयत उलमा-ए-हिन्द के अकाबीरीन के फैसलो के साथ है उन्होंने कहा कि मदरसों ने अंग्रेजो से लड़ने के लिये सपूतो को पैदा किया । जिला अध्यक्ष मौलाना क़ासिम क़ासमी ने कहा कि सभी मदरसे अपने यहाँ बच्चों की उपस्तिथि अनुपस्थिति रजिस्टर व दूसरे कागजात को पूरा रखे । मुफ़्ती अब्दुल क़ादिर क़ासमी ने सर्वे के प्रशनो को समझाया । सम्मेलन को मौलाना लुक़मान केसर क़ासमी ने मदरसों में साफ सुथराई को विशेष ख्याल रखने अपील की । मुफ़्ती आज़ाद क़ासमी,मौलाना अब्दुल जलील,मुफ़्ती ताहिर क़ासमी,हाफिज़ अल्लाह मेहर,मुफ़्ती वसीम मिफ्ताहि,मौलाना शोयब आलम क़ासमी,मुफ़्ती ज़ाहिद हुसैन,मुफ़्ती असरार मज़ाहिरी,मौलाना मुज़म्मिल हाफिज़ अब्दुल गफ्फार,मुफ़्ती वसी,मुफ़्ती यामीन,कारी अब्दुल माजिद,कारी जाबिर,मौलाना हातिम,मौलाना सलीम क़ासमी,सूफी रियाज़ हाफिज़ आकिल,कारी यूनुस आदि मौजूद रहे।

 

 

 

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