जनकल्याणकारी योजनाओं की सेवा प्रदायगी में हो सुधार-गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत सरंचनाओं, परियोजनाओं एवं बजट घोषणाओं आदि की क्रियान्विति समयबद्ध पूरा कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए प्रदेश की सभी फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से बिना किसी दुविधा के आमजन तक पहुंचाने के उदेदश्य से सभी जिलों में लाभान्वितों से व्यक्तिगत संपर्क करने के निर्देश दिए हैं जिससे जनसामान्य की परेशानियों का निराकरण किया जा सकें।

गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री सेवा प्रदायगी प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं एवं कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा आमजन को अधिकाधिक व त्वरित लाभ पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री सेवा प्रदायगी प्रकोष्ठ (सी.एम. सर्विस डिलीवरी सैल) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों की ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ को अपनाने, प्रक्रियाओं का सरलीकरण करने तथा नीतिगत सुझाव देने के लिए प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय सलाहकारों की सेवाएं लेने से सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं पारदर्शिता में वृद्धि हुई है और योजनाओं का लाभ आमजन तक सुगमता से पहुंच रहा है।

गहलोत ने कहा कि टोल फ्री नंबर 181 पर आमजन को बीमारी के अनुसार नजदीकी अस्पताल की जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थी जानकारी के अभाव में अगर अपनी बीमारी से संबंधित अस्पताल के बजाय अन्य अस्पताल में पहुंच जाएं तो उन्हें सही जानकारी देकर नजदीकी अस्पताल में पहुंचाना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निजी अस्पतालों में हेल्प डेस्क को सुदृढ़ किये जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गंभीर बीमारियों जैसे लिवर ट्रांसप्लांट की सघन सूचना आमजन को दी जाए, ताकि उन्हें धन के अभाव में गंभीर रोग के इलाज से वंचित न होना पड़े। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ राज्य के हर व्यक्ति को मिले इसकी सुनिश्चित्ता की जाए।

श्री गहलोत ने कहा कि इंदिरा रसोई योजना के तहत अब तक 20 हजार से अधिक दानदाता भोजन प्रायोजित कर चुके हैं। इन दानदाताओं को सम्मान स्वरूप डिजिटल अभिनंदन पत्र प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि राज्य में ऎसे कृषि प्रावधान किए जाने चाहिए जिससे कृषि से सम्बंधित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लघु और सीमांत किसानों को मिल सके। उन्होंने योजनाओं का प्रदेश में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाकर प्रक्रियात्मक पारदर्शिता में वृद्धि करने के भी निर्देश दिए।

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