मुजफ्फरनगर। चरथावल-रोहाना मार्ग पर बधाई गांव के पास काली नदी पर बना पुराना पुल इन दिनों बदहाली का शिकार है। पुल की सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और दरारें दिखाई दे रही हैं। पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और ग्रामीणों में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुल काफी पुराना है और लंबे समय से क्षेत्र के आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है। इसके बावजूद पुल की हालत में लगातार गिरावट आने के बावजूद इसकी मरम्मत और तकनीकी जांच को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, जिससे क्षतिग्रस्त सड़क और ज्यादा जोखिम भरी हो गई है।

अंग्रेजों के जमाने का बताया जाता है पुल
स्थानीय नागरिक विकास कुमार ने बताया कि काली नदी पर बना यह पुल काफी पुराना है और स्थानीय लोगों के बीच इसे अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ बताया जाता है। उनका कहना है कि इतने पुराने पुल की नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव बेहद जरूरी है। यदि समय रहते इसकी स्थिति का आकलन नहीं किया गया तो भविष्य में समस्या गंभीर हो सकती है।
बधाई गांव के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र ने भी पुल की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पुल की सड़क पर समय के साथ गड्ढे और दरारें बढ़ती जा रही हैं। लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पुल की समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
दिल्ली और हरियाणा जाने वाले मार्गों से जुड़ा है इलाका
किसान मोहित चौधरी के अनुसार, चरथावल-रोहाना मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग के जरिए आसपास के कई इलाके दिल्ली और हरियाणा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों से जुड़े हैं। ऐसे में पुल की खराब स्थिति का असर केवल स्थानीय आवागमन पर ही नहीं, बल्कि पूरे मार्ग के यातायात पर पड़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल पर कोई बड़ा हादसा होता है तो यातायात बाधित होने के साथ जनहानि की आशंका भी बनी रहेगी। इसलिए प्रशासन को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने चाहिए।
तकनीकी जांच और तत्काल मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पुल का स्थलीय निरीक्षण कराने और तकनीकी विशेषज्ञों से इसकी संरचनात्मक मजबूती की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल सड़क के गड्ढों की मरम्मत पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पुल की पूरी संरचना की जांच जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जांच के आधार पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जरूरत पड़ने पर व्यापक स्तर पर मरम्मत कार्य कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने पुल की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
हादसे से पहले कार्रवाई की उम्मीद
बधाई गांव और आसपास के ग्रामीण अब शासन-प्रशासन की ओर देख रहे हैं। लोगों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द मौके पर पहुंचकर पुल की वास्तविक स्थिति का जायजा लें और आवश्यक कार्रवाई शुरू कराएं।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर दिखाई दे रहे गड्ढे और दरारें सिर्फ आवागमन की समस्या नहीं हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला हैं। ऐसे में प्रशासन को हादसा होने से पहले पुल की जांच और मरम्मत कराकर लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा देनी चाहिए।

