चरथावल में आधी रात फरिश्ता बनकर पहुंचे SHO, गंभीर बीमार विधवा और मासूम बेटी को घर से रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल

चरथावल में आधी रात फरिश्ता बनकर पहुंचे SHO, गंभीर बीमार विधवा और मासूम बेटी को घर से रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल

चरथावल, मुजफ्फरनगर। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले चरथावल थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया का मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। आधी रात गांव मुथरा में गंभीर रूप से बीमार और असहाय विधवा महिला तथा उसकी मासूम बेटी के घर में फंसे होने की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। महिला की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया।

आधी रात मिली सूचना, थाना प्रभारी ने नहीं किया सुबह का इंतजार

बताया गया कि गांव मुथरा निवासी एक विधवा महिला लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। देर रात उसकी हालत बेहद चिंताजनक होने की सूचना सामने आई। महिला के साथ उसकी मासूम बेटी भी घर में मौजूद थी।

घटना की जानकारी देर रात करीब 11 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने स्थानीय पत्रकार को फोन करके दी। सूचना मिलते ही पत्रकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चरथावल थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी ने सूचना को नजरअंदाज नहीं किया और न ही सुबह होने का इंतजार किया। उन्होंने तत्काल पुलिस फोर्स को साथ लिया और गांव मुथरा के लिए रवाना हो गए।

घर के अंदर गंभीर हालत में मिली महिला

पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने के बाद घर के अंदर गंभीर हालत में महिला मिली। पुलिस ने महिला और उसकी बेटी को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला की हालत को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए दोनों को उपचार के लिए सीएचसी चरथावल पहुंचाया।

स्थानीय स्तर पर महिला की हालत देखकर पुलिस और आसपास मौजूद लोगों में भी चिंता का माहौल बन गया। पुलिस की तत्काल कार्रवाई के चलते महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।

चिकित्सकों ने शुरू किया उपचार, हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर

सीएचसी चरथावल पहुंचने पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतेन्द्र कुमार की टीम ने महिला की तत्काल जांच शुरू की। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के साथ उसकी स्थिति का आकलन किया।

महिला की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने बेहतर और गहन उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया। इसके बाद महिला को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

परिजनों पर लगाए गए लापरवाही के आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला के पति का पूर्व में ही निधन हो चुका है और वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित बताई जा रही है। आरोप है कि महिला के देवर, जेठ और ननद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय घर में ही असहाय स्थिति में छोड़ रहे थे।

यह भी आरोप लगाया गया कि जब आसपास के लोग मानवीय आधार पर महिला की मदद के लिए आगे बढ़ते थे तो परिजनों द्वारा कथित तौर पर उन्हें रोक दिया जाता था और महिला तक पहुंचने नहीं दिया जाता था।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

मासूम बेटी को भी पुलिस ने सुरक्षित निकाला

पूरे घटनाक्रम में महिला के साथ उसकी मासूम बेटी के घर में मौजूद होने की बात भी सामने आई। पुलिस टीम ने महिला के साथ उसकी बेटी को भी सुरक्षित बाहर निकाला। संकट की इस घड़ी में पुलिस की मौजूदगी से दोनों को तत्काल सहायता मिल सकी।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली। महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने को लेकर लोगों ने पुलिस टीम की भूमिका की सराहना की।

अपराध नियंत्रण के साथ इंसानियत की मिसाल

चरथावल थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया की इस कार्रवाई को पुलिसिंग के मानवीय पक्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर पुलिस की पहचान अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी के रूप में होती है, लेकिन इस मामले में पुलिस ने एक असहाय महिला और उसकी बेटी की मदद के लिए आधी रात को तत्काल कदम उठाया।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी का खुद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचना और महिला को अस्पताल पहुंचाना यह दर्शाता है कि संकट के समय पुलिस की भूमिका केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई की हो रही सराहना

महिला की गंभीर स्थिति की सूचना मिलने के बाद जिस तरह पुलिस टीम ने रात में ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, उसकी स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंचती तो महिला की हालत और बिगड़ सकती थी।

चरथावल थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया और उनकी टीम की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर पुलिस के मानवीय और संवेदनशील पक्ष को सामने रखा है। अब महिला का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

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