गढ़ीपुख्ता। लगातार बारिश के कारण गांवों में जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को बहुजन एकता संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। ग्राम ताना स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर चौपाल पर आयोजित धरने में ताना समेत औंदरी, मालेड़ी, भारसी और पेलखा आदि गांवों के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने जलभराव से राहत दिलाने के साथ गरीब पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने और भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को सता रहा खतरा
धरने में बहुजन एकता संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गरीब परिवार कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं और जलभराव के चलते इन मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। इसके साथ ही पात्र गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जल्द से जल्द पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें बारिश के दौरान परेशानी और खतरे का सामना न करना पड़े।
वर्ष 1980 के पट्टों का मामला भी उठा
धरने के दौरान ग्रामीणों ने भूमि संबंधी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 1980 में हुए पट्टों के बावजूद कई लोगों को अब तक आवंटित भूमि पर कब्जा नहीं मिल पाया है।
ग्रामीणों ने मांग की कि पात्र लोगों को उनकी आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाया जाए और संबंधित मामलों का निस्तारण कराया जाए। साथ ही ग्रामीणों को संवर्गीय भूमिधर घोषित किए जाने की मांग भी उठाई गई।
अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर जताई नाराजगी
जिला अध्यक्ष शिवकुमार ने आरोप लगाया कि ग्रामीण सुबह करीब 10 बजे से धरने पर बैठे थे, लेकिन काफी देर तक कोई अधिकारी मौके पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की जाएगी।
दो नायब तहसीलदारों ने मौके पर पहुंचकर सुनी समस्याएं
धरने की सूचना मिलने के बाद करीब तीन बजे ऊन तहसील से नायब तहसीलदार त्रिपुरेश मणि त्रिपाठी और नायब तहसीलदार राहुल कुमार सैनी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार ऊन को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया गया।
मकानों का किया निरीक्षण, ग्राम सचिव को सूची तैयार करने के निर्देश
धरना समाप्त होने के बाद दोनों नायब तहसीलदारों ने गांव ताना पहुंचकर जलभराव से प्रभावित कई मकानों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने फोन के माध्यम से ग्राम सचिव को प्रभावित और पात्र मकानों की सूची तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने गरीब और पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जलभराव, आवास और भूमि संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान कराएगा।
धरने और मौके पर हुए निरीक्षण के दौरान बबली, रतनकौर, संतोष, रामकली, किरणपाल, सुषमा, नरेश, धन कुमार, चंद्रपाल, ओमकाली, टोली, सरोज, दीपा, सतपाल, कुलदीप, पूनम और मीना सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
