खतौली (मुजफ्फरनगर)। नगर के मोहल्ला देवीदास स्थित वाल्मीकि समाज के लोगों ने श्मशान घाट की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के प्रयास को लेकर सोमवार को तहसील मुख्यालय में जोरदार विरोध दर्ज कराया। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान समाज के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी ललित मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर राजस्व अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने और कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि पर दावा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि श्मशान घाट की भूमि को कब्जे के प्रयासों से सुरक्षित नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में बताया कि गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग के समीप स्थित यह भूमि पिछले लगभग 80 से 100 वर्षों से समाज के पारंपरिक श्मशान घाट के रूप में उपयोग में लाई जा रही है। उनका दावा है कि कई दशक पहले पास स्थित ‘मिशन चैरिटीज’ संस्था ने यह भूमि समाज के अंतिम संस्कार और सामाजिक उपयोग के लिए दान में दी थी।

समाज के लोगों का आरोप है कि कांवड़ पटरी मार्ग के चौड़ीकरण और क्षेत्र के तेजी से विकास के बाद इस जमीन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इसी के चलते कुछ कथित भू-माफिया और प्रभावशाली लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस भूमि पर मालिकाना हक जताकर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी ललित मिश्रा ने संबंधित राजस्व और पुलिस अधिकारियों को भूमि से जुड़े पुराने और वर्तमान राजस्व अभिलेखों का गहन सत्यापन कर निष्पक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों से भी कहा कि यदि उनके पास भूमि के दान अथवा स्वामित्व से जुड़े कोई पुराने दस्तावेज या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं तो उन्हें प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
वाल्मीकि समाज के लोगों ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया कि श्मशान घाट उनकी आस्था और सामाजिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। यदि इस भूमि को कथित अवैध कब्जे के प्रयासों से मुक्त नहीं कराया गया तो समाज मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
प्रख्यात समाजसेवी प्रताप वाल्मीकि के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में समाज के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, युवा और अन्य सदस्य मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से मामले का शीघ्र समाधान कर श्मशान घाट की भूमि को सुरक्षित रखने की मांग की।

