क्या अखिलेश यादव से बगावत का ओम प्रकाश राजभर को मिल पाएगा BJP से रिटर्न गिफ्ट?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में अखिलेश यादव के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने वाले ओम प्रकाश राजभर के लिए यूपी एमएलसी उपचुनाव काफी अहम होने वाला है. एमएलसी उपचुनाव में अटकलें हैं कि ओम प्रकाश राजभर अपने बेटे अरविंद राजभर को भाजपा के कोटे से एमएलसी बनाने की फिराक में हैं. अगर भाजपा इसके लिए तैयार होती है तो ओम प्रकाश राजभर के लिए यह किसी रिटर्न गिफ्ट से कम नहीं होगा, क्योंकि राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अखिलेश यादव से अलग राह अपनाते हुए ओपी राजभर ने एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मूर्मु (अब राष्ट्रपति) को समर्थन दिया था.

दरअसल, उत्तर प्रदेश विधान परिषद की खाली हुई 8 सीटों पर होने वाले चुनाव में 2 सीटों पर उपचुनाव होना है, जबकि 6 सीटों पर राज्यपाल द्वारा मनोनयन करना है, मगर जिन दो सीटों पर मतदान होना है, वहां राजनीतिक पार्टियों के लिये सबसे ज्यादा मुश्किलें हैं. क्या सपा और क्या भाजपा, सबके लिये मुश्किलें अपरमपार हैं. अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के सामने नंबर गेम की मुश्किलें हैं, क्योंकि ओम प्रकाश राजभर से रिश्ते तल्ख हो जाने और शिवपाल यादव के गठबंधन से दूर होने से संख्या बल के हिसाब से अखिलेश यादव के पास केवल 111 विधायक ही रह गए हैं. ऐसे में अखिलेश यादव के लिये खाली हुई एक भी सीट पर सपा की जीत मुश्किल है.

हालांकि, बीजेपी में भी मुश्किलें कम नही हैं. हाल ही में बीजेपी के कथित करीबी हुए ओम प्रकाश राजभर की करें तो चर्चा है कि सपा से नाता तोड़ने वाले सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर अपने बेटे अरविंद राजभर को भाजपा के सहयोग से विधान परिषद भेजने की कवायद में जुटे हैं, लेकिन ये तभी संभव हो पाएगा, जब बीजेपी चाहेगी. ऐसे में देखना है कि बीजेपी ओपी राजभर के बेटे को विधानसभा भेजेगी या फिर अपने किसी अपने नेता को, क्योंकि राजभर अपने बेटे को विधान परिषद भेजने के लिये दिलों जान से जोड़तोड़ में जुटे हैं. मगर बीजेपी क्या उनके सियासी अरमानों को पूरा करेगी इस पर सबकी निगाहें हैं.

बता दें कि ओपी राजभर पहले भी बीजेपी के साथ रह चुके हैं, मगर 2019 लोकसभा चुनाव के बाद योगी सरकार और बीजेपी को अतिपिछड़ा विरोधी बताते हुए उन्होंने गठबंधन तोड़ लिया था. इसके बाद 2022 के चुनाव में अखिलेश की सपा से हात मिलाया था और पूरे चुनावों में सपा के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चुनाव लड़ा था. हालांकि, बहुत कुछ फायदा हुआ नहीं और सरकार भाजपा की बन गई है. इधर, बीजेपी 2024 के चुनाव में क्लीन स्वीप का सपना लेकर चल रही है, ऐसे में राजभर को अपने साथ लाना भाजपा की चाहत होगी. अखिलेश यादव को सियासी झटका देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ओपी राजभर को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर एमएलसी का इनाम देती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी.

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