मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन तोमर ने शामली प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए किसान आदित्य को न्याय दिलाने और उसकी जमीन संबंधी समस्या का समाधान कराने की मांग को लेकर 27 अगस्त से जिला अधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने स्पष्ट कहा कि जब तक किसान की समस्या का समाधान नहीं होता और उसे न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को सड़कों तक ले जाया जाएगा।

बुधवार को संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पर हुई बैठक में चौधरी संजीव तोमर ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को 27 अगस्त को शामली जिला अधिकारी कार्यालय पर होने वाले धरना प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान किसान आदित्य के मामले को लेकर आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई।

मीडिया से बातचीत में चौधरी संजीव तोमर ने आरोप लगाया कि 17 अगस्त को गांव गौहरनी निवासी किसान आदित्य की जमीन पर दूसरे पक्ष के साथ मिलीभगत कर राजस्व विभाग की टीम द्वारा जबरन कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा था। संगठन का आरोप है कि इसी कार्रवाई से क्षुब्ध होकर आदित्य ने खुद को आग लगा ली थी।
राजस्व टीम पर गंभीर आरोप
चौधरी संजीव तोमर ने आरोप लगाया कि घटना के समय मौके पर राजस्व विभाग की टीम और मंडी थाने के दरोगा सोमपाल मौजूद थे। संगठन का दावा है कि किसान को आग की लपटों में घिरा देखकर उसकी मदद करने और तत्काल एंबुलेंस बुलाने के बजाय मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा कथित रूप से घटना की वीडियो बनाई गई।
संगठन के अनुसार आसपास मौजूद किसानों ने किसी तरह आग बुझाई और गंभीर रूप से झुलसे आदित्य को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। आग की घटना में किसान आदित्य करीब 60 प्रतिशत झुलस गया है और गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचाराधीन बताया जा रहा है।
भाकियू तोमर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि किसान को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
डीआईजी कार्यालय घेराव की दी गई थी चेतावनी
इसी प्रकरण को लेकर संगठन के कार्यकारिणी प्रदेश प्रभारी अजय त्यागी ने डीआईजी कार्यालय के घेराव की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचकर चौधरी संजीव तोमर से बातचीत की और उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन लिया।
वार्ता में एसडीएम, सीओ सदर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा छपार और पुरकाजी थानों के अधिकारी शामिल रहे। संगठन की ओर से अधिकारियों के समक्ष किसान आदित्य के मामले में कार्रवाई और जमीन संबंधी विवाद का समाधान कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
कानूनगो, पटवारी और दरोगा पर कार्रवाई की मांग
संगठन द्वारा दिए गए ज्ञापन में कानूनगो अमरीश शर्मा, पटवारी दिलशाद और मंडी थाने के दरोगा सोमपाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की गई है। इसके अलावा किसान आदित्य की जमीन संबंधी समस्या का स्थायी समाधान कराने और सरकार की ओर से उसे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी स्तर पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन किसान आदित्य और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। प्रशासन को मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए पीड़ित किसान को न्याय दिलाना चाहिए।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 27 अगस्त से शामली जिला अधिकारी कार्यालय पर शुरू होने वाला धरना अनिश्चितकालीन रहेगा। किसान आदित्य की जमीन संबंधी समस्या का समाधान और उसे न्याय मिलने तक संगठन आंदोलन समाप्त नहीं करेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और मामले का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संगठन किसानों को साथ लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगा।
बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार इंदरजीत सांगवान, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, युवा पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर, जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष सोनू चौधरी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रंजनी शर्मा, कार्यकारिणी जिला अध्यक्ष शाकिब, अजय त्यागी, हीरा बालियान, मुंसफ अब्बास, दीपक तोमर, आशु चौधरी, सोनू, रियाज राणा, जग्गम, दिलशाद, शमशाद, मोहम्मद साजिद, नौशाद, मुस्तफा, शिराजू, साजिद गढ़ी, शबी अहमद, शायिबा रिजवी, एहसास मलिक, शहजाद मलिक सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

