किसानों के दस्तावेज तैयार करने प्रबंधन ने मांगा दो माह का समय

शहडोल। एसईसीएल सोहागपुर एरिया अंतर्गत खैरहा भूमिगत खदान में किसानों द्वारा प्रस्तावित आंदोलन को 2 माह के लिए स्थगित कर दिया है। कालरी प्रबंधन ने किसानों को लिखित आश्वासन देते हुए कहा है कि 2 माह के भीतर मुआवजा देने की प्रक्रिया को पूर्ण कर उन्हें अवगत कराया जाएगा। सोहागपुर जनपद सदस्य शिल्पी सौरभ पांडेय के नेतृत्व में दर्जनों किसान 1 जुलाई से कालरी प्रबंधन के साथ मिलकर प्रक्रिया को आगे बढाने का प्रयास कर रहे थे। खन्नाथ के किसान हर दिन कालरी प्रबंधन के साथ मिलकर फाइल की स्थिति से अवगत हो रहे थे। किसानों ने जुलाई में कालरी प्रबंधन को पत्र सौंपकर यह चेतावनी दी थी कि यदि 31 अगस्त तक उन्हें ठोस जवाब नहीं दिया जाता है तो 1 सितंबर से ग्रामीण खैरहा खदान के गेट पर विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। जिसको लेकर 28 अगस्त को खैरहा में जनप्रतिधि, कालरी प्रबंधन और काश्तकारों की संयुक्त बैठक हुई। जिसके बाद कालरी प्रबंधन ने लिखित आश्वासन देकर किसानों के माध्यम से किए जाने वाले आंदोलन को स्थगित कराया।
पांच साल पहले किया था भूमि अधिग्रहण
जपं सदस्य शिल्पी पांडेय ने बताया कि कालरी प्रबंधन ने 2017 में खन्नाथ और खैरहा के किसानों के भूमि का अधिग्रहण कर लिया था। पिछले 5 साल से किसान अपनी ही भूमि का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और न ही किसी शासकीय योजना का लाभ ले पा रहे है।

2 माह का समय मांगा है। 31 अक्टूबर तक मुआवजा वितरण की जो स्थिति होगी किसानों को अवगत करा दिया जाएगा। प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रबंधन किसानों को मुआवजा वितरित करेगी।

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