कानपुर में फिर चढ़ी गंगा की लहरें, चेतावनी निशान पार; बैराज से 3.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, प्रशासन अलर्ट

कानपुर में फिर चढ़ी गंगा की लहरें, चेतावनी निशान पार; बैराज से 3.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, प्रशासन अलर्ट

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार को कानपुर बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 114.300 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी स्तर 114 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। बैराज से 3,70,392 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार की तुलना में जलस्तर में आठ सेंटीमीटर और डिस्चार्ज में 8,952 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे के क्षेत्रों में भी स्थिति की निगरानी की जा रही है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

बुधवार को कानपुर बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 114.220 मीटर था, जो गुरुवार को बढ़कर 114.300 मीटर हो गया। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर आठ सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं, बैराज से बुधवार को 3,61,440 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जिसकी मात्रा गुरुवार को बढ़कर 3,70,392 क्यूसेक हो गई। यानी डिस्चार्ज में 8,952 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है।

बैराज का डाउनस्ट्रीम जलस्तर गुरुवार को 114.130 मीटर दर्ज किया गया। बैराज पर चेतावनी स्तर 114 मीटर और खतरे का निशान 115 मीटर है। मौजूदा अपस्ट्रीम जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर नीचे है। खतरे के निशान पर बैराज से 5,44,373 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज निर्धारित है।

शुक्लागंज में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा है। बुधवार को यहां जलस्तर 112.750 मीटर था, जो गुरुवार को बढ़कर 112.800 मीटर हो गया। यानी यहां पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। शुक्लागंज का चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है।

दूसरी ओर, हरिद्वार बैराज से पानी के डिस्चार्ज में कमी आई है। बुधवार को 1,18,622 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जबकि गुरुवार को 69,089 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया। यानी 49,533 क्यूसेक की कमी हुई। नरौरा बैराज से भी डिस्चार्ज घटा है। बुधवार के 1,15,137 क्यूसेक के मुकाबले गुरुवार को 1,10,176 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यहां 4,961 क्यूसेक की कमी दर्ज की गई है।

इस तरह जहां हरिद्वार और नरौरा से पानी के डिस्चार्ज में कमी आई है, वहीं कानपुर बैराज पर जलस्तर और डिस्चार्ज दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रशासन की ओर से गंगा के जलस्तर और नदी किनारे के क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

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