मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारियों और आउटसोर्स कूड़ा वाहन चालकों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को समाप्त हो गया। संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन का पटाक्षेप प्रशासन और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद हुआ। दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने धरना वापस लेने की घोषणा कर दी।

आगामी पवित्र कांवड़ यात्रा को देखते हुए नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। धरना जारी रहने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी, जिससे लाखों कांवड़ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया।

बैठक के दौरान कर्मचारी नेताओं ने वेतन, मानदेय और अन्य स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रशासन ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी जायज मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान कराया जाएगा। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद संघर्ष मोर्चा ने अपना आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
धरना समाप्त होने के बाद नगर पालिका की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सामान्य हो गई है। अब शहर में नियमित रूप से सफाई कार्य और कूड़ा उठान का काम पहले की तरह जारी रहेगा। इससे आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में प्रशासन को बड़ी राहत मिलेगी।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रशासन की ओर से उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा मिलने के बाद जनहित को देखते हुए धरना समाप्त किया गया है। वहीं प्रशासन ने भी कर्मचारियों के सहयोग की सराहना करते हुए विश्वास दिलाया कि सभी लंबित मुद्दों का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराया जाएगा।
धरना समाप्त होने से नगर पालिका प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अब कांवड़ यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं और शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

