कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने खत्म की भूख हड़ताल, जानिए किसके कहने पर तोड़ा अनशन

तिहाड़ जेल में पिछले 10 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने सोमवार शाम तब अपना अनशन समाप्त कर दिया जब उसे सूचित किया गया कि उसकी मांगों के बारे में संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मलिक ने 22 जुलाई को तब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी थी जब केंद्र ने रूबैया सईद अपहरण मामले की सुनवाई कर रही जम्मू की एक अदालत में प्रत्यक्ष रूप से पेश होने की उसकी मांग पर जवाब नहीं दिया। मलिक अपहरण के संबंधित मामले में एक आरोपी है। प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का 56 वर्षीय सरगना आतंकवाद से जुड़े वित्तपोषण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि उसने दिल्ली जेल के महानिदेशक संदीप गोयल के अनुरोध पर अपनी भूख हड़ताल दो महीने के लिए टाल दी है। जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महानिदेशक ने मलिक को बताया कि उसके द्वारा उठाई गई मांगों को संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है और उसे इस पर निर्णय के बारे में सूचित किया जाएगा। गोयल ने कहा, ” 22 जुलाई से तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल पर बैठे दोषी यासीन मलिक ने मेरे अनुरोध पर आज (सोमवार) शाम अपना अनशन समाप्त कर दिया।”

मलिक को पिछले महीने रक्तचाप में उतार-चढ़ाव के बाद यहां के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया था और जेल लौटने के बाद उसने कुछ भी खाने से इनकार कर दिया था। अधिकारियों ने कहा कि तिहाड़ की जेल संख्या-7 में उच्च जोखिम वाली कोठरी में एकांत कारावास में रखे गए अलगाववादी नेता को जेल के चिकित्सा जांच कक्ष में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां उसे नस के जरिए तरल पदार्थ दिए जा रहे थे। मलिक ने अस्पताल के डॉक्टरों को एक पत्र सौंपा था, जिसमें कहा गया था कि वह इलाज नहीं कराना चाहता।

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