एएसडीसी ने एनपीओसीए के साथ मिलकर राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल ओलिंपियाड का आयोजन किया

एएसडीसी ने एनपीओसीए के साथ मिलकर राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल ओलिंपियाड का आयोजन किया

गुरुग्राम। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन कार्यरत ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (एएसडीसी) ने नेशनल प्रोग्राम ऑन करियर अवेयरनेस (एनपीओसीए) के साथ मिलकर एएसडीसी – नेशनल ऑटोमोबाइल ओलंपियाड की घोषणा की है। ऑटोमोबाइल ओलिंपियाड एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है, जिसके ज़रिये स्कूलों के विद्यार्थियों में ऑटोमोटिव सेक्टर के प्रति रूचि बढ़ाना और उनको बेसिक से एडवांस तकनीकियों के बारे में बताना है।

ओलंपियाड के लिए रजिस्‍ट्रेशन 10 जून से 31 जुलाई तक होगी। रजिस्‍ट्रेशन के लिए कैंडिडेट www.asdc.org.in पर आवेदन कर सकते है। । इसमें देशभर के किसी भी बोर्ड से मान्‍यता प्राप्‍त कक्षा 7 से 12वीं तक के स्‍कूली विद्यार्थी हिस्‍सा ले सकते है। तीन स्‍तर पर होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए रजिस्‍ट्रशेन प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्‍क रखा गया है। पहले स्तर की प्रतियोगिता का रिजल्ट अक्टूबर में घोषित किया जाएगा और राष्ट्रीय विजेताओं को जनवरी 2023 में एएसडीसी द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि एएसडीसी भारत की पहली सेक्टर स्किल्स काउंसिल है, जिसने कुशल रोजगार, स्वरोजगार, अर्थव्यवस्था और नागरिकों के सुरक्षित भविष्य को विकसित करने के लिए कौशल को एकमात्र तरीका मानते हुए मोटर वाहन उद्योग में छात्रों को कुशल बनाने पर जोर दिया है।

एएसडीसी के सीईओ अरिंदम लहिरी ने बताया कि एएसडीसी ऑटोमोटिव सेक्टर में स्किलिंग और अपस्किलिंग के लिए कई कार्यक्रम कर रही है। युवाओं को ऑटोमोटिव सेक्टर में करियर के लिए एएसडीसी तैयार कर रही है, ताकि इंडस्‍ट्री को कुशल लोग मिल सके और युवाओं को जॉब। इस तरह के कार्यक्रम उद्योग को नए टैलेंट ढूंढने में मदद करेगी और युवाओं को नई स्किल सीखने के लिए प्रेरित करेगी और इंडस्‍ट्री को करीब जानने का मौका मिलेगा।

नेशनल प्रोग्राम ऑन करियर अवेयरनेस [एनपीओसीए] के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री अरुण मित्तल कहते है कि हम एएसडीसी के साथ अपनी साझेदारी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उद्योग की सक्रिय भागीदारी भारत की करियर शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने, व्यक्तियों, उद्योग और देश को विकास और अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद करेगी। इस ओलिंपियाड का उद्देश्य ऑटोमोबाइल उद्योग में नौकरियों के नए विकल्प, भविष्य की संभावनाओं, आर्थिक विकास और पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में अगली पीढ़ी के बीच जागरूकता बढ़ाना है। प्रतियोगिता का अधिकांश भाग थियोरिटिकल रहेगा, जिसके ज़रिये विधार्थियों को ऑटोमोबाइल उद्योग, उसकी अब तक के इतिहास और ज़रूरी बातों और सिद्धांतों से अवगत कराया जायेगा।

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